मनोरंजन कर के नुकसान की भरपाई के लिए NMC ने राज्य से मांगे 748 करोड़ रुपये
नागपुर महानगरपालिका ने मनोरंजन कर की बंदी से हुए राजस्व नुकसान पर राज्य सरकार से 748.62 करोड़ रुपये का अनुदान फिर मांगा है।
नागपुर: पैसों की तंगी से जूझ रही नागपुर महानगरपालिका (NMC) ने महाराष्ट्र सरकार से 748.62 करोड़ रुपये के अनुदान की अपनी मांग फिर उठाई है। NMC का कहना है कि 2017 में GST लागू होने के बाद मनोरंजन कर की वसूली बंद हो गई, जिससे उसे राजस्व का नुकसान हुआ।
मनोरंजन कर की अस्थायी छूट 30 सितंबर 2026 को खत्म हो गई। इसके बाद मनपा प्रशासन ने राज्य सरकार को भेजने के लिए नया प्रस्ताव बनाना शुरू कर दिया है। करीब तीन साल पहले तत्कालीन मनपा आयुक्त अभिजीत चौधरी ने राज्य को चिट्ठी लिखकर नुकसान की भरपाई मांगी थी, लेकिन उस मांग पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
पहले मनोरंजन कर जिलाधिकारी के तहत काम करने वाला एक खास विभाग वसूलता था। GST लागू होने से पहले राज्य सरकार ने 29 मई 2017 को महाराष्ट्र मनोरंजन शुल्क अधिनियम में बदलाव किया और कर लगाने व वसूलने का अधिकार स्थानीय निकायों को दे दिया। इसके बाद सिंगल स्क्रीन थिएटर, मल्टीप्लेक्स, केबल ऑपरेटर, ऑडिटोरियम, सांस्कृतिक हॉल और टिकट वाले सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों से यह कर वसूलने की जिम्मेदारी NMC की हो गई।
मगर 1 जुलाई 2017 से GST लागू होते ही राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मनोरंजन शुल्क अधिनियम की धारा 3 के तहत मनोरंजन कर में अस्थायी छूट दे दी। तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यकाल में 3 मई 2023 को राज्य मंत्रिमंडल ने इस छूट को 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया था।
इतने लंबे वक्त तक कर बंद रहने से नकदी की कमी झेल रही मनपा का राजस्व अंतर लगातार बढ़ता गया। NMC के अनुमान के मुताबिक अगर वसूली जारी रहती तो 2026-27 में मनोरंजन कर से सालाना राजस्व 148.80 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता।
आंकड़े दिखाते हैं कि अनुमानित राजस्व कितनी तेजी से बढ़ा। जिला कलेक्टरेट ने 2015-16 में 20.24 करोड़ रुपये और 2016-17 में 24.01 करोड़ रुपये वसूले थे। NMC के अनुमान में 2017-18 में संभावित राजस्व 28.84 करोड़ रुपये, 2019-20 में 41.53 करोड़ रुपये और 2021-22 में 59.80 करोड़ रुपये रहता।
अनुमानित आंकड़ा 2024-25 में 100 करोड़ का निशान पार कर 103.34 करोड़ रुपये हो गया और 2025-26 में 124 करोड़ रुपये तक पहुंचा। चालू वित्त वर्ष के लिए NMC ने संभावित वसूली 148.80 करोड़ रुपये आंकी है। इस दौरान के कुल अनुमानित नुकसान को ही मनपा ने राज्य से 748.62 करोड़ रुपये की भरपाई मांगने का आधार बनाया है।
कार्यवाहक अतिरिक्त मनपा आयुक्त मिलिंद मेश्राम ने कहा, "मनोरंजन कर NMC की आमदनी का एक बड़ा जरिया था। अनुदान मिला तो मनपा को आर्थिक राहत मिलेगी और विकास कामों के लिए पैसों की दिक्कत दूर करने में मदद होगी।"
अब उम्मीद है कि मनपा प्रशासन छूट की अवधि में गंवाए राजस्व की भरपाई के लिए अपना नया प्रस्ताव औपचारिक रूप से राज्य सरकार के सामने रखेगा।
मनोरंजन कर का राजस्व, साल दर साल: 2015-16 में 20.24 करोड़ रुपये, 2016-17 में 24.01 करोड़, 2017-18 में 28.84 करोड़, 2018-19 में 34.61 करोड़, 2019-20 में 41.53 करोड़, 2020-21 में 49.83 करोड़, 2021-22 में 59.80 करोड़, 2022-23 में 71.76 करोड़, 2023-24 में 86.11 करोड़, 2024-25 में 103.34 करोड़, 2025-26 में 124.00 करोड़ और 2026-27 में 148.80 करोड़ रुपये।