नागपुर मनपा की औचक जांच में 410 में से 89 सफाई कर्मचारी गैरहाजिर मिले
मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर के निर्देश पर बुधवार सुबह 6 बजे हाजिरी स्टैंड्स पर अचानक निरीक्षण हुआ। गैरहाजिर और देर से आने वालों पर जुर्माने का प्रस्ताव है।
नागपुर मनपा के सफाई कर्मचारियों में बुधवार को हड़कंप मच गया। मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर के निर्देश पर घनकचरा व्यवस्थापन विभाग ने सुबह 6 बजे शहर के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ अचानक निरीक्षण अभियान चलाया। आयुक्त के साथ अतिरिक्त आयुक्त मिलिंद मेश्राम और उपायुक्त राजेश भगत व डॉ. गजेन्द्र महल्ले भी हाजिरी स्टैंड्स पर पहुंचे। जैसे ही इसकी खबर कर्मचारियों के मोबाइल में पहुंची, कई कर्मचारी काम छोड़कर इधर-उधर घूमते हुए फौरन हाजिरी स्टैंड की तरफ भागे। वहीं जो कर्मचारी पहले से बिना सूचना छुट्टी पर थे, वे अधिकारियों के पहुंचने तक स्टैंड पर आ ही नहीं सके।
इस जांच में कुल 410 सफाई कर्मचारियों में से 89 गैरहाजिर मिले। कई जगह सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ उन्हें संभालने वाले स्वच्छता निरीक्षक और जमादार भी देर से पहुंचे या मौके पर थे ही नहीं।
सबसे ज्यादा गैरहाजिरी मंगलवारी जोन के पागलखाना चौक, न्यू मानकापुर (प्रभाग क्रमांक 10) में दिखी। यहां 89 कर्मचारियों में से 29 गैरहाजिर थे और 60 मौजूद थे। हैरानी की बात यह रही कि निगरानी की जिम्मेदारी जिन पर थी, वहां के स्वच्छता निरीक्षक रितेश उसरबसे भी गैरहाजिर मिले। इस पर मनपा प्रशासन ने सफाई कर्मचारियों के साथ निगरानी करने वाले अधिकारियों के कामकाज पर भी गंभीरता से ध्यान देने के संकेत दिए हैं।
लक्ष्मीनगर जोन में अजनी चौक के हनुमान मंदिर वाले हाजिरी स्टैंड (प्रभाग क्रमांक 16 क) पर 26 में से सिर्फ 14 कर्मचारी मिले और 8 गैरहाजिर थे। इसी जोन के त्रिमूर्तिनगर चौक (प्रभाग क्रमांक 36) में हालत और खराब रही। वहां 31 में से 16 गैरहाजिर थे और केवल 13 कर्मचारी मौजूद थे। माटे चौक के प्रभाग क्रमांक 37 (अ) में 25 में से 22 और 37 (ब) में 24 में से 22 कर्मचारी हाजिर मिले, यानी यहां स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही।
गांधीबाग जोन में मोमिनपुरा के यूनानी दवाखाना हाजिरी स्टैंड पर 72 में से 66 कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन स्वच्छता निरीक्षक दीपक खरे सुबह 6.36 बजे पहुंचे। खापेकर मोहल्ला के स्टैंड पर 69 में से 11 कर्मचारी गैरहाजिर थे, और स्वच्छता निरीक्षक गोविंद शेट्टी वहां सुबह 6.20 बजे आए। प्रशासन ने अधिकारियों की इस देरी को भी गंभीरता से लिया है।
धंतोली जोन के त्रिशरण चौक स्टैंड पर 54 में से 48 कर्मचारी उपस्थित और 2 गैरहाजिर मिले, पर यहां तैनात जमादार अनूप तांबे स्टैंड पर नहीं थे। इसी जोन के दूसरे स्टैंड पर 67 में से 57 कर्मचारी मौजूद थे। वहां जमादार सुबोध मेश्राम सुबह 6.30 बजे और अजय तांबे 6.05 बजे पहुंचे। निरीक्षण के तय समय के बाद अधिकारियों के आने को प्रशासन ने गंभीर माना है।
निरीक्षण के बाद उपायुक्त (घनकचरा व्यवस्थापन) राजेश भगत ने पूरी रिपोर्ट मनपा आयुक्त को सौंप दी है। रिपोर्ट में गैरहाजिर और देर से आने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों पर कार्रवाई का प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्ताव के मुताबिक बिना अनुमति गैरहाजिर मिलने वाले स्वच्छता निरीक्षकों और जमादारों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। देर से आने वाले निरीक्षकों और जमादारों पर 5,000 रुपए का प्रशासनिक जुर्माना लगाने और कड़ी चेतावनी देने का प्रस्ताव है।
बिना अनुमति गैरहाजिर रहने वाले सफाई कर्मचारियों पर 1,000 रुपए का प्रशासनिक दंड लगाने और कड़ी चेतावनी देने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। प्रशासन का कहना है कि सफाई का काम सीधे शहर की स्वच्छता और लोगों की सेहत से जुड़ा है, इसलिए कर्मचारियों का तय समय पर हाजिर रहना और उनके काम पर नजर रखना जरूरी है।