धनतेरस पर पुराना सोना देकर नए गहने लेना ठीक है या नहीं, जानिए जरूरी बातें
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वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के सर्वे में 76% लोग पुराने गहने बदलकर नए लेने को तैयार दिखे। धनतेरस 6 नवंबर को है।
भारत में धनतेरस के दिन सोने के गहने खरीदना शुभ माना जाता है। बहुत से लोग निवेश के लिए भी सोना खरीदते हैं। अब सवाल यह है कि क्या धनतेरस पर पुराने गहने देकर उनके बदले नया सोना लेना शुभ है?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के एक सर्वे के मुताबिक 76% लोगों ने अपने पुराने गहने बदलकर नए गहने लेने में दिलचस्पी दिखाई है। यानी यह सवाल सिर्फ धर्म का नहीं है, इसका ताल्लुक लोगों की आर्थिक हालत से भी है।
तो क्या पुराना सोना देना अशुभ है? पुराने धार्मिक ग्रंथों में आज के रिटेल स्टाइल गोल्ड एक्सचेंज को लेकर कोई साफ नियम नहीं दिया गया है। इसलिए यह बात कि धनतेरस के दिन पुराना सोना देने से "लक्ष्मी दूर चली जाती है", वैज्ञानिक तौर पर साबित हुआ सिद्धांत नहीं है। धनतेरस की परंपरा में जोर इस पर है कि समृद्धि बढ़े और घर में शुभ चीजें आएं। इस हिसाब से जो गहने इस्तेमाल में नहीं हैं या पुराने हो चुके हैं, उन्हें देकर नया सोना लेना दौलत गंवाना नहीं है, बल्कि उसका रूप बदलना है।
जो परिवार धार्मिक हैं, वे पहले पुराने गहनों की जांच करवा लें और उन्हें बदलवा लें। फिर शुभ मुहूर्त में नए गहने या सिक्का घर ला सकते हैं। इससे परंपरा भी निभती है और सहूलियत भी रहती है।
अब मुहूर्त की बात। इस साल धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर को है। दिल्ली में त्रयोदशी तिथि सुबह 10:30 बजे शुरू होगी। लक्ष्मी-कुबेर पूजा और स्थिर वृषभ काल शाम 6:02 से 7:57 बजे तक रहेगा। त्रयोदशी शुरू होने के बाद सोना खरीदने के लिए कई शुभ चौघड़िया मिल रही हैं।
ज्योतिष का एक पहलू भी ध्यान देने लायक है। वक्री शुक्र 6 नवंबर को कन्या राशि में प्रवेश करेगा। शुक्र ग्रह का संबंध धन, गहनों और ऐश्वर्य से माना जाता है। इससे भी काम की व्यावहारिक सीख यह है कि दिखावे पर फिजूल खर्च न करें। ऐसे गहने लेना बेहतर है जो काम आएं, जिनकी कीमत साफ हो और जो आपके बजट में बैठें।
सोना बदलवाते वक्त क्या देखें? पुराना सोना बदलवाते समय उसकी शुद्धता, गलाने पर होने वाली कटौती, वजन, एक्सचेंज रेट, बनवाई का चार्ज और आखिरी बिल, इन सबको अलग-अलग जांचें। कीमतें बढ़ने की वजह से इस त्योहारी सीजन में हल्के वजन के गहनों और पुराने सोने के एक्सचेंज की मांग बढ़ी है। कई बड़े सराफा दुकानदारों के यहां अब एक्सचेंज बिक्री का एक अहम हिस्सा बन गया है।
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