धनतेरस 6 नवंबर को: तोहफे में खाली बर्तन, नमक, चाकू और कांच की चीजें देने से बचते हैं लोग
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दिवाली के पहले दिन धनत्रयोदशी पर भेंट देते वक्त किन छह चीजों से परहेज की मान्यता है, और फिर तोहफे में क्या दिया जा सकता है।
इस साल धनतेरस 6 नवंबर 2026 को है। धनत्रयोदशी दिवाली का पहला दिन होता है और इसे पैसा, सुख और तरक्की का त्योहार माना जाता है। इस दिन लक्ष्मी माता, कुबेर देव और धन्वंतरी देव की पूजा होती है। सोना-चांदी और नए बर्तन खरीदना बहुत शुभ माना जाता है, इसलिए बाजार में भी खूब भीड़ रहती है। कई लोग इसी दिन एक-दूसरे को कुछ न कुछ भेंट देना चाहते हैं। पुराने लोगों ने बताया है कि भेंट देते समय कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है। आइए देखते हैं, कौन सी हैं ये बातें।
पहली बात खाली बर्तन या खाली पर्स की है। धनत्रयोदशी पर पीतल, तांबे और स्टील के बर्तन सब लेते हैं, लेकिन किसी को खाली बर्तन तोहफे में न दें। उसमें थोड़े चावल, एक लड्डू या कुछ और रख दें। पर्स गिफ्ट कर रहे हों तो वह भी खाली न हो। कम से कम 11 रुपये या 5 रुपये उसमें डाल दें। खाली चीज देना अशुभ माना जाता है, और कहते हैं कि भरी हुई चीज देने से घर में बरकत बनी रहती है।
दूसरी बात नमक की है। घर में नमक की बड़ी अहमियत है और उसे घर की समृद्धि माना जाता है। इसलिए धनत्रयोदशी या दिवाली के दिनों में न किसी को नमक दें और न किसी से मांगकर लें। मान्यता है कि इससे घर की लक्ष्मी चली जाती है।
तीसरी बात काले रंग की चीजों की है। कुछ घरों में दिवाली पर काले रंग की चीज गिफ्ट करना ठीक नहीं माना जाता। कुछ लोगों को काला रंग पसंद नहीं आता और त्योहार के दिन वह खटकता है। इसका मतलब यह नहीं कि हर जगह काली चीज देना बंद है। यह हर किसी का अपना मामला है। इसलिए तोहफा चुनते समय देख लें कि सामने वाले को क्या पसंद है और आपके घर में क्या चलन है।
चौथी बात धारदार चीजों की है। चाकू, कैंची, छुरी जैसी चीजें त्योहार के दिन भेंट में देने से बहुत लोग बचते हैं। कहा जाता है कि धारदार चीज देने से रिश्ते में दूरी आती है और झगड़ा होता है। यह पुरानी मान्यता है, और आपके घर में ऐसा कोई नियम हो तो उसे जरूर निभाएं।
पांचवीं बात कांच की चीजों की है। ज्योतिष में कांच को राहु ग्रह से जोड़ा जाता है, और राहु को अड़चन और उलझन लाने वाला ग्रह कहा जाता है। इसलिए धनत्रयोदशी पर कांच के जार, आईना या कांच के शो-पीस जैसी चीजें खरीदने या गिफ्ट करने से भी बहुत लोग परहेज करते हैं।
छठी बात तेल और घी के लेन-देन की है। तेल और घी पूजा में काम आते हैं, दीया जलाने के लिए भी लगते हैं। शास्त्र में बताया गया है कि इस दिन किसी को तेल या घी देने-लेने के बजाय अपने घर की पूजा के लिए पहले से ला कर रख लेना बेहतर है।
तो फिर गिफ्ट में क्या दें? धनत्रयोदशी पर तोहफा देने का मकसद एक ही होता है, खुशी बांटना और रिश्ता और मजबूत करना। आप कुछ भी सादा दे सकते हैं, जैसे मिठाई, फल, पूजा का सामान या घर में काम आने वाली कोई अच्छी चीज। सबसे जरूरी यह है कि चीज कितनी महंगी है, इससे ज्यादा मायने यह रखता है कि देते वक्त आपके मन में कितना प्यार और सम्मान है। हर गांव और हर घर की परंपरा अलग होती है, उसका भी आदर करें और उसके बाद ही भेंट चुनें।
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