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21:14 IST

ह्युंदाई 2026 से 2032 के बीच भारत में लगाएगी 1.47 लाख करोड़ रुपये, पुणे प्लांट का होगा विस्तार

ह्युंदाई मोटर ग्रुप ने भारत में 2026 से 2032 के बीच करीब 1.47 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।

ह्युंदाई मोटर ग्रुप ने भारत के ऑटोमोबाइल मार्केट में अपनी पकड़ और मज़बूत करने के लिए बड़े निवेश का ऐलान किया है। कंपनी 2026 से 2032 के बीच भारत में करीब 1.47 लाख करोड़ रुपये लगाएगी। इस रकम से गाड़ियों का प्रोडक्शन बढ़ाया जाएगा, रिसर्च और डेवलपमेंट होगा, गाड़ियों की टेस्टिंग होगी और आगे की मोबिलिटी टेक्नोलॉजी पर काम किया जाएगा।

यह घोषणा ह्युंदाई मोटर ग्रुप के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन ईसूंग चुंग के नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के बाद की गई।

अभी ग्रुप के भारत में 3 प्रोडक्शन प्लांट हैं, जिनकी मिलाकर हर साल 14.25 लाख गाड़ियों की कैपेसिटी है। इसमें चेन्नई के ह्युंदाई प्लांट की कैपेसिटी 8.24 लाख, पुणे प्लांट की 1.70 लाख और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में किया प्लांट की 4.31 लाख गाड़ियों की है। नए निवेश में पुणे के प्रोडक्शन का विस्तार करने की योजना है। इससे आगे चलकर गाड़ियों का प्रोडक्शन तो बढ़ेगा ही, भारत से विदेश भेजी जाने वाली गाड़ियों यानी एक्सपोर्ट को भी ज़्यादा बढ़ावा मिल सकता है। ह्युंदाई और किया दोनों प्रोडक्शन बढ़ाएंगी।

इस पूरे निवेश में से करीब 6,650 करोड़ रुपये रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए अलग रखे गए हैं। इसमें गाड़ियों की टेस्टिंग के लिए ट्रैक, इंजीनियरिंग सुविधाएं और अगली पीढ़ी की ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी विकसित करने पर ज़ोर रहेगा। भारत के इंजीनियरों को गाड़ियों के डिज़ाइन, डेवलपमेंट और टेस्टिंग की प्रक्रिया में ज़्यादा ज़िम्मेदारी मिलने की संभावना है।

योजना में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए चार्जिंग नेटवर्क, गाड़ियों की रिसाइकलिंग, ऑटो फाइनेंस और नई मोबिलिटी सेवाओं पर भी विचार किया जाएगा। भारतीय टेक्नोलॉजी स्टार्टअप और स्थानीय स्तर पर पुर्ज़े बनाने वाली कंपनियों में निवेश के मौके तलाशे जाएंगे। निवेश की प्लानिंग और अमल के लिए भारत में अलग संस्था बनाने की भी योजना है।

ह्युंदाई मोटर ग्रुप भारत में अभी 24,000 से ज़्यादा लोगों को रोज़गार देता है। चेन्नई में तकनीकी कौशल की ट्रेनिंग के लिए ह्युंदाई अकादमी शुरू करने की योजना है। इस निवेश से प्रोडक्शन, इंजीनियरिंग, रिसर्च और सप्लायर क्षेत्र में रोज़गार के नए मौके बन सकते हैं। लेकिन असल असर कितना होगा और किन चरणों में दिखेगा, यह प्रोजेक्ट्स पर अमल पर निर्भर करेगा।

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