दशहरा और धम्मचक्र प्रवर्तन दिन पर नागपुर मेट्रो में 1.85 लाख से ज्यादा लोगों ने किया सफर
धम्मचक्र प्रवर्तन दिन और विजयादशमी की भीड़ में नागपुर मेट्रो ने 1 लाख 85 हजार से ज्यादा यात्रियों को ढोया, पिछले साल से 23 प्रतिशत ज्यादा।
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नागपुर में धम्मचक्र प्रवर्तन दिन और विजयादशमी के मौके पर शहर में भारी भीड़ रही और इस भीड़ का बड़ा बोझ नागपुर मेट्रो ने उठाया। दीक्षाभूमी पर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। शहर में कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी थे और लोगों की आवाजाही भी बढ़ी हुई थी। इसी वजह से मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की काफी भीड़ दिखी। इसके बावजूद मेट्रो लोगों के सफर के लिए भरोसेमंद साधन साबित हुई।
इस खास दिन 1 लाख 85 हजार से ज्यादा यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया। नागपुर मेट्रो के इतिहास में एक दिन में इतने यात्रियों का यह तीसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। पिछले साल के मुकाबले यात्रियों की संख्या में 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
धम्मचक्र प्रवर्तन दिन पर देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी तादाद में अनुयायी दीक्षाभूमी पहुंचते हैं। इसे देखते हुए यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए महामेट्रो ने खास इंतजाम किया। लोगों की सहूलियत के लिए मेट्रो सेवा सुबह 5 बजे से सीधे रात 12 बजे तक चालू रखी गई।
सुबह-सुबह दीक्षाभूमी जाने वाले अनुयायी हों या कार्यक्रम खत्म होने के बाद रात को घर लौटने वाले लोग, बढ़े हुए समय से कई लोगों को राहत मिली। सड़कों पर संभावित ट्रैफिक जाम से बचने के लिए भी मेट्रो का विकल्प काम आया।
त्योहार की भीड़ में नागपुर मेट्रो ने यात्री संख्या के मामले में अहम मुकाम हासिल किया। एक ही दिन में 1.85 लाख से ज्यादा लोगों के मेट्रो इस्तेमाल करने से शहर के सार्वजनिक परिवहन की बढ़ती लोकप्रियता एक बार फिर सामने आई। पिछले साल से 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी मेट्रो के बढ़ते इस्तेमाल का साफ इशारा है। धार्मिक कार्यक्रमों के लिए आए श्रद्धालुओं, त्योहार पर घर से निकले लोगों और शहर के अलग-अलग इलाकों में सफर करने वाले यात्रियों ने मेट्रो को पसंद किया।
यात्रियों की भारी भीड़ के चलते इंदोरा चौक मेट्रो स्टेशन पर खास चहल-पहल रही। बड़ी संख्या में यात्री पहुंचे, इसलिए भीड़ को संभालना स्टेशन प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती थी। ऐसे में स्टेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सतर्क रहकर यात्रियों की आवाजाही सही ढंग से चलाने की कोशिश की। ठीक योजना और तालमेल से स्टेशन की भीड़ संभालने में कर्मचारियों की भूमिका अहम रही।
नागपुर में धम्मचक्र प्रवर्तन दिन और विजयादशमी दोनों उत्साह भरे और अहम मौके हैं। इस दौरान शहर में बड़े पैमाने पर लोगों का आना-जाना रहता है। ऐसे वक्त सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता और उसका सही इंतजाम शहर की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए निर्णायक होता है। सुबह से आधी रात तक चली सेवा, 1.85 लाख से ज्यादा यात्रियों का साथ और पिछले साल से 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ नागपुर मेट्रो ने इस खास दिन अपनी अहम भूमिका निभाई। त्योहारों के दौरान मेट्रो नागपुरवासियों के लिए सिर्फ सफर की सुविधा नहीं, बल्कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था का बड़ा सहारा है, यह बात फिर साफ हुई।
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