बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

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20:32 IST

डाक विभाग की GDS पहली मेरिट लिस्ट जारी, कई राज्यों में जनरल कटऑफ 100 प्रतिशत

जुलाई 2026 की ग्रामीण डाक सेवक भर्ती की पहली सूची आ गई है। हिंदी भाषी राज्यों के ज्यादातर डिवीजनों में जनरल कैटेगरी का कटऑफ 100 प्रतिशत रहा।

डाक विभाग की GDS पहली मेरिट लिस्ट जारी, कई राज्यों में जनरल कटऑफ 100 प्रतिशत तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

भारतीय डाक विभाग ने ग्रामीण डाक सेवक (GDS) भर्ती जुलाई 2026 की पहली मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। यह लिस्ट indiapost.gov.in/gdsonlineengagement नाम की अधिकृत वेबसाइट पर देखी जा सकती है। लिस्ट आते ही उम्मीदवारों के बीच हलचल मच गई, क्योंकि कटऑफ ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है।

उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली समेत कई हिंदी भाषी राज्यों में जनरल कैटेगरी का कटऑफ ज्यादातर डिवीजनों में 100 प्रतिशत गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि इन जगहों पर सिर्फ उन्हीं उम्मीदवारों का चयन हुआ है जिन्हें 10वीं में 100 प्रतिशत नंबर मिले थे।

इसकी वजह कोविड के दौर से जुड़ी बताई जा रही है। उस समय महामारी के कारण बोर्ड की परीक्षाएं नहीं हो पाई थीं। पंजाब और हरियाणा जैसे कुछ राज्यों में छात्रों को बिना कोई परीक्षा लिए पास कर दिया गया और सबको 100-100 प्रतिशत नंबर दे दिए गए। ग्रामीण डाक सेवक की भर्ती 10वीं की मेरिट के आधार पर होती है, इसलिए इन राज्यों के उम्मीदवार इस भर्ती में हावी दिख रहे हैं।

इस पर नाराजगी भी है। यूपी, एमपी और बिहार में कहा जा रहा है कि कोविड काल के 'जनरल प्रमोशन' की वजह से इन राज्यों के युवाओं के हक की नौकरी हरियाणा, पंजाब और तेलंगाना जैसे राज्यों के युवा ले जा रहे हैं। कोरोना के समय हरियाणा और पंजाब की सरकारों ने अपने यहां के विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत नंबर दिए थे, और उसी का असर इस भर्ती में दिखाई देता है।

डाक अधिकारियों के मुताबिक दूसरे राज्यों से आए उम्मीदवारों को स्थानीय भाषा की बड़ी दिक्कत होती है। ग्राहक उनकी भाषा नहीं समझ पाते और वे ग्राहकों की भाषा नहीं समझ पाते। ऐसे में वे यहां ज्यादा दिन काम नहीं कर पाते और बाद में ट्रांसफर लेकर चले जाते हैं। नतीजा यह होता है कि यहां के पद फिर से खाली हो जाते हैं। पिछली भर्तियों में भी ऐसा ही हो चुका है।

एक और बात यह है कि दो साल बाद अपने होम स्टेट में ट्रांसफर मिल जाता है। इसी वजह से GDS में ट्रांसफर के लिए रुझान बढ़ रहा है। हरियाणा और तेलंगाना के युवा दूसरे राज्यों में नौकरी करने को तैयार हो जाते हैं, क्योंकि उन्हें वहां सिर्फ दो साल गुजारने पड़ते हैं।

अब पहली लिस्ट के बाद लाखों उम्मीदवारों की नजर दूसरी मेरिट लिस्ट पर टिकी है। जो उम्मीदवार बहुत थोड़े अंतर से पहली लिस्ट में जगह बनाने से रह गए, उनके लिए यह एक नया मौका होगा।

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