इंडिया पोस्ट ने जारी की GDS की पहली मेरिट लिस्ट, DV-1 से पहले तैयार रखें कागज़ात
इंडिया पोस्ट ने ग्रामीण डाक सेवक भर्ती 2026 की पहली मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। इसमें कुल 23,757 रिक्त पद भरे जाने हैं। लिस्ट में नाम आने के बाद कागज़ात की जांच के चरण छोटी चूक से भी उम्मीदवारी रद्द करा सकते हैं।
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इंडिया पोस्ट ने ग्रामीण डाक सेवक (GDS) भर्ती 2026 की पहली मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। यह लिस्ट indiapostgdsonline.gov.in पर डाली गई है। इस भर्ती के ज़रिए कुल 23,757 रिक्त पद भरे जाएंगे। इससे जुड़े सभी अपडेट iapost.gov.in/gdsonlineengagement नाम की आधिकारिक वेबसाइट पर भी देखे जा सकते हैं।
इस भर्ती के लिए कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं लिया जाता। यह सरकारी नौकरी खास तौर पर 10वीं पास उम्मीदवारों के लिए है। मेरिट लिस्ट में नाम आने के बाद ही असली प्रक्रिया शुरू होती है, इसलिए नाम देखकर रुकना नहीं है, आगे की तैयारी में लग जाना है।
लिस्ट देखने के लिए वेबसाइट पर जाकर अपने राज्य या सर्कल की मेरिट लिस्ट डाउनलोड करनी होगी। शॉर्टलिस्ट हुए उम्मीदवारों की सूची में Ctrl+F दबाकर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या नाम खोजा जा सकता है। वहां मिला हुआ पद, डिवीज़न और 10वीं के प्रतिशत के हिसाब से जानकारी भी दिखती है।
बहुत से उम्मीदवारों को मेरिट लिस्ट के बाद की प्रक्रिया की जानकारी नहीं होती। एक छोटी सी चूक या कागज़ात में गड़बड़ी की वजह से चुने गए उम्मीदवारों की उम्मीदवारी अक्सर रद्द कर दी जाती है। इसलिए लिस्ट में नाम आने की खुशी के साथ अगले चरणों की तैयारी भी ज़रूरी है।
पहले चरण में चुने गए उम्मीदवारों को सारे ओरिजिनल कागज़ात लेकर संबंधित डिवीज़नल दफ्तर जाकर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराना होगा। मेरिट लिस्ट में हर उम्मीदवार के नाम के आगे उसके डिवीज़नल हेड का नाम और वेरिफिकेशन की आखिरी तारीख लिखी होती है। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पर भी सूचना का मैसेज आता है।
समय की सीमा का ध्यान रखना होगा। पहली मेरिट लिस्ट आने के बाद उम्मीदवारों को सारे ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स के साथ तय दफ्तर में रिपोर्ट करने के लिए 10 से 15 दिन मिलते हैं।
इस राउंड में आवेदन फॉर्म में भरे गए नंबर और जानकारी का मिलान असली मार्कशीट और सर्टिफिकेट से किया जाता है। सारे कागज़ात सही पाए जाने पर प्रोविज़नल वेरिफिकेशन स्लिप दी जाती है।
वेरिफिकेशन सेंटर पर किसी तरह की हड़बड़ी न हो, इसलिए कागज़ात पहले से तैयार रखें। हर ओरिजिनल डॉक्यूमेंट के साथ उसकी 2-2 फोटोकॉपी रखनी हैं। इनमें 10वीं की मार्कशीट और बोर्ड सर्टिफिकेट, जाति प्रमाणपत्र (OBC, SC, ST, EWS के लिए केंद्र सरकार के फॉर्मेट में), PwD से जुड़ा कागज़ और पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी) शामिल हैं। साथ ही निवास प्रमाणपत्र (Domicile/Residential Certificate) चाहिए।
कंप्यूटर नॉलेज सर्टिफिकेट भी लगेगा, अगर वह अलग से हो। अगर 10वीं में यह विषय पढ़ा है तो छूट मिलती है। इसके अलावा कम्युनिटी या स्थानीय भाषा के ज्ञान का प्रमाणपत्र चाहिए, यानी 10वीं में पढ़ी हुई भाषा का। हाल ही में खिंचा पासपोर्ट साइज़ रंगीन फोटो भी रखें, कम से कम 6 से 8 कॉपी।
बहुत से उम्मीदवारों को यह नहीं पता होता कि डाक विभाग में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन दो बार होता है। पहला वेरिफिकेशन (DV-1) सिर्फ शुरुआती जांच है। DV-1 क्लियर होने के कुछ दिन बाद DV-2 के लिए बुलाया जाता है।
इस चरण में कागज़ात की गहराई से जांच होती है। 10वीं की मार्कशीट असली है या नकली, यह देखने के लिए उसे संबंधित शिक्षा बोर्ड के पास भेजा जाता है। इसी दौरान पुलिस वेरिफिकेशन का फॉर्म भरवाया जाता है। किसी भी सरकारी अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर (CMO) से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने का निर्देश भी दिया जाता है।
दोनों चरणों का वेरिफिकेशन और मेडिकल क्लियरेंस हो जाने के बाद उम्मीदवारों को 5 से 15 दिन की प्रैक्टिकल और सिस्टम ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है। ब्रांच पोस्टमास्टर (BPM) पद पर चुने जाने वालों को 'DARPAN' डिवाइस चलाने, डाक लेन-देन, खाता खोलने और पैसे जमा करने व निकालने की डिजिटल ट्रेनिंग मिलती है।
ट्रेनिंग पूरी होने पर डाक विभाग फॉर्मल जॉइनिंग यानी अलॉटमेंट लेटर देता है। इसके बाद तुरंत अलॉट किए गए ब्रांच पोस्ट ऑफिस (BO) या सब पोस्ट ऑफिस (SO) में जाकर कार्यभार संभालना होता है।