दीपोत्सव विशेष सभी पाठकों को रोशनी के त्योहार की बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

रविवार, 8 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

दादर की दिवाली पहाट में किसानों के लिए 1 करोड़ से ज्यादा की मदद, नाम फाउंडेशन को मिला चेक

दादर की दिवाली पहाट में किसानों के लिए 1 करोड़ से ज्यादा की मदद, नाम फाउंडेशन को मिला चेक तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कल्चर PT24 टीम

सूखे के बीच दिवाली मनाने पर सवाल उठ रहे थे। दादर में हर साल दिवाली पहाट कराने वाले सुगी परिवार ने मंच से किसानों के लिए 1 करोड़ रुपये से ज्यादा देने का एलान किया।

दिवाली पहाट दिवाली की सुबह होने वाला संगीत का कार्यक्रम है। इसे इसलिए आयोजित किया जाता है कि सबकी दिवाली संगीत से भरी हो। दिवाली को उत्साह, आनंद और चैतन्य का त्योहार कहा जाता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी के चेहरे पर इस मौके पर खुशी दिखती है। पकवान, पटाखे, रंगोली और आकाशदीप के साथ दिवाली पहाट भी हर बार होती ही है।

इस साल भी कई जगह दिवाली पहाट के कार्यक्रम हुए। लेकिन राज्य भर में सूखे के हालात इतने गंभीर हैं कि यह सवाल उठ रहा था कि ऐसे में उत्साह के साथ दिवाली का आनंद मनाना ठीक है या नहीं। इस पर चर्चा चल रही थी।

इसी बीच दादर में हर साल दिवाली पहाट आयोजित करने वाले सुगी परिवार ने किसानों के लिए एक अहम फैसला लिया। इस फैसले का एलान भी दिवाली पहाट के कार्यक्रम में ही किया गया।

किसानों के लिए 1 करोड़ रुपये से ज्यादा देने की घोषणा हुई। यह रकम मंच पर ही चेक के जरिए मकरंद अनासपुरे को नाम फाउंडेशन के लिए सौंपी गई। इसके अलावा 51 लाख रुपये की एक और रकम पारिजात फाउंडेशन को दी गई। इस फैसले के लिए सुगी परिवार की हर तरफ तारीफ हो रही है और लोग उसका आभार भी मान रहे हैं।

कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य लोगों की सूची भी लंबी थी। राहुल देशपांडे के गायन से पूरा परिसर मंत्रमुग्ध हो गया। संकर्षण कर्हाडे और अभि मुंडे की प्रस्तुति से दर्शक भावविभोर हो गए। स्वप्नील जोशी भी मंच पर मौजूद थे। संस्कृति मंत्री आशिष शेलार और अमित ठाकरे की मौजूदगी से भी कार्यक्रम की रौनक बढ़ी। इसके बावजूद सबसे ज्यादा चर्चा सुगी परिवार की हो रही है, और वजह है किसानों के लिए दी गई यह रकम।

#नागपुर#कल्चर#PT24#Culture#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे