8 नवंबर को मनता है विश्व पियानोवादक दिवस, पियानो कलाकारों और शिक्षकों का होता है सम्मान
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हर साल 8 नवंबर को दुनिया भर में विश्व पियानोवादक दिवस मनाया जाता है। इस दिन पियानो और उसे बजाने वाले कलाकारों को मंच दिया जाता है और संगीत महोत्सव, कॉन्सर्ट और वर्कशॉप होते हैं।
संगीत को मन को शांति देने वाली और भावनाओं को राह दिखाने वाली वैश्विक भाषा कहा जाता है। संगीत की इस विशाल दुनिया में पियानो को राजा का दर्जा दिया जाता है। हर साल 8 नवंबर को दुनिया भर में विश्व पियानोवादक दिवस (World Pianist Day) पूरे उत्साह और आदर के साथ मनाया जाता है।
यह दिन सिर्फ एक वाद्य का जश्न नहीं है। पियानो की सफेद और काली कुंजियों (Keys) पर उंगलियों का जादू चलाकर लाखों दिलों को मोह लेने वाले पियानोवादकों, संगीतकारों और शिक्षकों को खास तौर पर सम्मान देने का दिन है।
पियानो ऐसा वाद्य है, जिसे घंटों सुनने के बाद भी मन नहीं ऊबता। इस वाद्य और इसे बजाने वाले कलाकारों को दुनिया के स्तर पर अपना एक मंच मिले, इसी मकसद से 8 नवंबर का दिन उन्हें समर्पित किया गया है। अलग-अलग देशों में इस दिन भव्य संगीत महोत्सव (Music Festivals), लाइव कॉन्सर्ट, वर्कशॉप और नए कलाकारों के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।
इस दिन का मुख्य मकसद यह है कि नई पीढ़ी पियानो संगीत की ओर खिंचे, डिजिटल युग में भी शास्त्रीय संगीत की विरासत जिंदा रहे और दुनिया भर के संगीत प्रेमी एक साथ आ सकें। आज की भागदौड़ और स्क्रीन से स्क्रीन के दौर में पियानो के जीवंत सुर इंसानी आत्मा को एक अलग ही सुकून देते हैं।
पियानो संगीत की बात हो तो कुछ महान संगीतकारों का नाम लिए बिना यह सफर अधूरा रहता है। लुडविग वान बीथोवन ने बहरेपन के बावजूद दुनिया को ऐसी अमर रचना दी, जो आज भी लोगों के दिल की धड़कन थाम लेती है। वोल्फगैंग अमेडियस मोजार्ट बचपन से ही पियानो पर शानदार प्रयोग करके पूरी दुनिया को हैरान करने वाले बाल प्रतिभा के धनी संगीतकार थे। फ्रेडरिक शोपैं ने पियानो के सुरों में भावुकता और कोमलता भरकर इस संगीत को एक अलग ही ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचाया। इन दिग्गजों की रची धुनों पर आज भी हजारों नए पियानोवादक अभ्यास करते हैं और संगीत का पाठ सीखते हैं।
आधुनिक वैज्ञानिक शोध के मुताबिक पियानो बजाना या सुनना सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है। इसका इंसानी दिमाग और मानसिक सेहत पर गहरा सकारात्मक असर पड़ता है। पियानो के सौम्य और लयबद्ध सुर दिमाग में खुशी के हार्मोन (Happy Hormones) बढ़ाते हैं, जिससे मानसिक थकान और तनाव जल्दी दूर होता है।
पियानो बजाते समय दोनों हाथों, आंखों और कानों के बीच बेहद सटीक तालमेल बिठाना पड़ता है। इससे दिमाग का काम ज्यादा सक्षम होता है और एकाग्रता बढ़ती है। डिप्रेशन, अनिद्रा (Insomnia) और चिड़चिड़ेपन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए आज चिकित्सा क्षेत्र में पियानो म्यूजिक थेरेपी (Music Therapy) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है।
इस दिन में शामिल होना चाहें तो कुछ आसान तरीके हैं। अपने पसंदीदा प्लेटफॉर्म पर जाकर क्लासिकल या जैज़ पियानो की धुनें सुनकर दिन की शुरुआत की जा सकती है। आसपास या सोशल मीडिया पर पियानो बजाने वाले स्थानीय कलाकारों के वीडियो शेयर करके उनका हौसला बढ़ाया जा सकता है। संगीत सीखने के लिए उम्र की कोई शर्त नहीं होती, इसलिए आज के दिन पियानो या कीबोर्ड सीखने का संकल्प भी लिया जा सकता है।


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