चुनाव आयोग बैठकों का एजेंडा पहले और मिनट्स बाद में सार्वजनिक करेगा, कामकाज में बदलाव
चुनाव आयोग ने कामकाज में पारदर्शिता के लिए बैठकों का एजेंडा पहले से और मिनट्स बाद में जारी करने का फैसला लिया है।
नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने अपने कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई बदलाव किए हैं। अब आयोग की बैठकों का एजेंडा पहले से जारी किया जाएगा। बैठक के मिनट्स यानी कामकाज का ब्योरा भी सार्वजनिक किया जाएगा। यह प्रक्रिया पहले अपनाई नहीं जा रही थी।
आयोग के भीतर जवाबदेही बढ़ाने के लिए बैठकों के एजेंडा और मिनट्स प्रकाशित करने का फैसला लिया गया है। इससे यह जानकारी मिल सकेगी कि बैठकों में किन विषयों पर चर्चा हुई और क्या फैसले लिए गए। बैठक होने से पहले ही एजेंडा जारी कर दिया जाएगा।
आयोग के अधिकारियों के लिए अब विदेश यात्रा से पहले आयोग से पूर्व अनुमति लेना जरूरी होगा। यह एक ऐसी प्रथा थी, जो पहले छूटी हुई थी। विदेश यात्रा की अनुमति अनिवार्य करने का फैसला भी उसी दिशा में उठाया गया कदम है, यानी आयोग के भीतर जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में।
नया आईटी मॉड्यूल भी अधिकारियों की समिति के सामने रखा जाएगा और मंजूरी मिलने के बाद ही आगे बढ़ेगा। इसी सिलसिले में खबर में यह भी कहा गया है कि आयोग के सामने चुनाव आयुक्त और मुख्य आयुक्त के बीच विवाद पैदा हुआ था।
एसआईआर के ऑनलाइन फॉर्म से घोषणापत्र का विकल्प हटा दिया गया है। एसआईआर के नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। आयोग ने 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के नए मतदाताओं के लिए ऑनलाइन फॉर्म 6 से अतिरिक्त घोषणापत्र की शर्त हटा दी है।
यह घोषणापत्र अब ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण के आवेदन में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके लिए एक अलग घोषणापत्र देना होगा। इस बदलाव का मकसद नए मतदाताओं के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाना है। साथ ही ऑनलाइन आवेदन भरने से जुड़ी परेशानी कम करना भी इसका उद्देश्य है।
कुल मिलाकर आयोग ने तीन चीजें तय की हैं। बैठकों का एजेंडा पहले से जारी होगा, बैठकों के मिनट्स और कामकाज का ब्योरा सार्वजनिक होगा, और अधिकारियों को विदेश यात्रा से पहले आयोग की पूर्व अनुमति लेनी होगी। इन कदमों का मकसद आयोग के कामकाज में पारदर्शिता लाना है।
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