चिपी से नवी मुंबई की उड़ान 16 नवंबर से, बुकिंग शुरू; किराया 3500 से 12000 रुपये तक
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सिंधुदुर्ग के चिपी एयरपोर्ट से नवी मुंबई के बीच फ्लाई 91 की सीधी उड़ान 16 नवंबर से शुरू होने की तैयारी है। बुकिंग चालू हो गई है और सेवा हफ्ते के सातों दिन रहेगी।
कोकण जाने वालों के लिए अब हवाई रास्ता भी खुल रहा है। अब तक सिर्फ सड़क और रेलवे के भरोसे सफर करने वाले यात्रियों के लिए सिंधुदुर्ग जिले के चिपी एयरपोर्ट से नवी मुंबई तक सीधी विमानसेवा शुरू होने जा रही है। इसे 16 नवंबर से शुरू करने की तैयारी की गई है और इसकी बुकिंग शुरू हो चुकी है।
बताया गया है कि यह सेवा हफ्ते के सातों दिन चलेगी। यानी रविवार को भी यात्री इस रूट पर विमान से सफर कर सकेंगे। इससे सिंधुदुर्ग के लोगों को तो राहत मिलेगी ही, कोकण घूमने जाने वाले सैलानियों को भी बड़ा सहारा मिलेगा।
महाराष्ट्र हवाई अड्डा विकास कंपनी के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक दीपक कपूर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके इस सेवा की अहम जानकारी दी है। उन्होंने रोज की उड़ानों का टाइम टेबल भी जारी किया है। इसी से पता चला कि इस रूट की बुकिंग शुरू हो गई है।
जारी टाइम टेबल के मुताबिक विमान सुबह 7:55 बजे नवी मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरेगा और सुबह 9:05 बजे सिंधुदुर्ग के चिपी एयरपोर्ट पहुंचेगा। वापसी में यही विमान चिपी एयरपोर्ट से सुबह 9:25 बजे नवी मुंबई के लिए रवाना होगा और सुबह 10:35 बजे नवी मुंबई पहुंचेगा। नितेश राणे ने एक्स पर पोस्ट करके बताया है कि पहली उड़ान 16 नवंबर को भरी जाएगी।
यह सेवा फ्लाई 91 नाम की विमान कंपनी चलाएगी। मंत्री नितेश राणे ने बुकिंग का एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है। उसके हिसाब से नवी मुंबई-सिंधुदुर्ग उड़ान का टिकट 3500 रुपये से शुरू होकर 12000 रुपये तक का है।
इस सेवा से दोनों इलाकों के बीच सफर का समय काफी बचेगा। घूमने, कारोबार और काम के सिलसिले में आने-जाने वालों को इसका फायदा होगा। सातों दिन विमान मिलने से सिंधुदुर्ग की हवाई कनेक्टिविटी भी और मजबूत होगी। आने वाले कुछ महीनों में रत्नागिरी का एयरपोर्ट भी शुरू होने की उम्मीद है, जो आधुनिक और जरूरी सुविधाओं से लैस बताया गया है। वह चालू हो गया तो कोकण में हवाई सफर के और विकल्प मिल सकते हैं।
चिपी एयरपोर्ट पर विमान आवाजाही को रफ्तार देने और कोकण के पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के मकसद से नवी मुंबई से चिपी की यह सेवा शुरू करने का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इस सेवा के लिए एक साल की अवधि के लिए 16 करोड़ 74 लाख 62 हजार रुपये का फंड मंजूर किया गया है।
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