चंद्रपुर में यहोवा यिरे क्रेडिट सोसाइटी के सीईओ समेत 12 पर केस, 8.60 करोड़ की ठगी का आरोप
रामनगर पुलिस ने ज्यादा रिटर्न का लालच देकर 1331 निवेशकों के पैसे फंसाने के आरोप में संस्था के सीईओ और संचालक मंडल के 12 लोगों पर मामला दर्ज किया है।
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चंद्रपुर के रामनगर पुलिस थाने में यहोवा यिरे क्रेडिट सोसायटी से जुड़े फ्रॉड के मामले में केस दर्ज किया गया है। संस्था के सीईओ और संचालक मंडल के 12 लोगों पर यह मामला दर्ज हुआ है। पुलिस के मुताबिक, भारी रिटर्न का लालच देकर निवेशकों के साथ 8 करोड़ 59 लाख 95 हजार 838 रुपये की ठगी की गई, ऐसी शिकायत है।
यह शिकायत वरोरा तालुका के बोर्डा के रहने वाले चंद्रकिशोर मांडवकर ने दी है। उनका दावा है कि कुल 1331 निवेशकों की रकम संस्था में अटक गई है। पुलिस ने बताया कि चंद्रकिशोर नामदेव मांडवकर, उम्र 52 साल, निवासी आनंदवन चौक, द्वारकानगरी, बोर्डा, तालुका वरोरा, जिला चंद्रपुर ने रामनगर पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी।
इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने यहोवा यिरे अर्बन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के सीईओ रमेश शामराव बोरकुटे, अध्यक्ष सचिन हरिदास पानघाटे, उपाध्यक्ष एलीजा रमेश बोरकुटे, मैनेजर और संचालक अपेक्षा स्नेहदीप जोब, तथा संचालक अतुल सोपन बनसोड, दुर्गा गौरंग मंडल, वैशाली मधुकर बुच्चे, पल्लवी ऋषी वासेकर, तेजस्विता अनित्य लोखंडे, प्रीती विनोद भिलकर, वैभव गुरुदेव चौधरी और विकास देवराव दुधबळे के खिलाफ कार्रवाई की है।
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने साजिश रचकर 26 दिसंबर 2023 को चंद्रपुर शहर में सिडिसीसी बैंक के पीछे, वरोरा रोड पर यह क्रेडिट सोसायटी शुरू की थी। आम लोगों को खींचने के लिए अलग-अलग योजनाएं चलाई गईं। इनमें सालाना 4 प्रतिशत ब्याज वाला बचत खाता, 9.75 प्रतिशत ब्याज की मियादी जमा यानी फिक्स डिपॉजिट, टीडीएस टाइम डिपॉजिट योजना, युवा बचत धन योजना और मासिक बचत योजना (एमआईएस) शामिल थीं। महिला और बाल कल्याण को ध्यान में रखकर कन्यादान योजना और दैनिक जमा योजनाएं भी रखी गई थीं।
इन योजनाओं की जानकारी चंद्रपुर जिले में घर-घर पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में एजेंट, फील्ड ऑफिसर और एरिया ऑफिसर रखे गए थे। हर तालुका स्तर पर कस्टमर सर्विस पॉइंट (सीएसपी) भी खोले गए, जहां लोगों से रकम ली जाती थी और जरूरतमंदों को कर्ज भी दिया जाता था।
लेकिन मार्च 2026 में कई निवेशकों की निवेश की मियाद (मैच्योरिटी) पूरी हो गई, फिर भी उन्हें उनकी रकम वापस नहीं मिली। शिकायत के अनुसार, संस्था के कर्मचारी और मैनेजर निवेशकों को टालते रहे और सिर्फ अगली तारीखें देकर वक्त निकालते रहे। पीड़ित लोगों ने और खुद शिकायतकर्ता ने सीईओ रमेश बोरकुटे से बार-बार संपर्क किया तो उन्होंने सबके पैसे लौटाने के लिए 6 महीने की मोहलत मांगी थी। मगर तय मियाद में भी निवेशकों को एक रुपया तक वापस नहीं मिला।
शिकायतकर्ता चंद्रकिशोर मांडवकर ने खुद अपनी अलग-अलग मियादी जमाओं और कमीशन की कुल 8 लाख 84 हजार 174 रुपये की रकम इस संस्था में लगाई थी। उनके साथ कुल 1331 निवेशकों की मेहनत की कमाई इस क्रेडिट सोसायटी में फंसी हुई है। शिकायत में कहा गया है कि संचालक मंडल ने आपस में मिलीभगत कर निवेशकों के भरोसे का गलत फायदा उठाया और कुल 8 करोड़ 59 लाख 95 हजार 838 रुपये की हेराफेरी करके ठगी की।
निवेशकों की ठगी को गंभीरता से लेते हुए रामनगर पुलिस ने महाराष्ट्र जमाकर्ताओं के (वित्तीय संस्थाओं में हितों का संरक्षण) अधिनियम, 1999 की धारा 3 के साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 3(5), 316(2), 316(5) और 318(4) के तहत केस दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक भारत रमेश थिटे कर रहे हैं। इतने बड़े पैमाने पर हुए आर्थिक घोटाले से जमाकर्ताओं में चिंता का माहौल है।