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19:52 IST

चंद्रपुर में संजय गांधी निराधार अनुदान समय पर मिले, मुनगंटीवार ने CM को लिखा पत्र

विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर चंद्रपुर जिले के लाभार्थियों को संजय गांधी निराधार अनुदान नियमित और समय पर देने की मांग की है।

चंद्रपुर में संजय गांधी निराधार अनुदान समय पर मिले, मुनगंटीवार ने CM को लिखा पत्र तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

चंद्रपुर जिले में संजय गांधी निराधार अनुदान लाभार्थियों को समय पर नहीं मिल रहा है। यह मामला अब सरकार तक पहुंच गया है। विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है।

पत्र में कहा गया है कि निराधार, दिव्यांग, विधवा और बुजुर्गों का गुजारा इसी अनुदान पर टिका है। दवा-इलाज और रोज की जरूरतों के लिए यह रकम अहम है। मुनगंटीवार ने मांग की है कि अनुदान बांटने में हो रही देरी के पीछे जो तकनीकी या प्रशासनिक वजहें हैं, उन्हें दूर किया जाए। इस पत्र का मकसद यह है कि लाभार्थियों को नियमित मदद मिलती रहे।

मुनगंटीवार ने कहा है कि जिन हजारों जरूरतमंद लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें, दवा-इलाज और गुजारा इस अनुदान पर निर्भर हैं, उन्हें रकम समय पर मिलना बेहद जरूरी है। उनकी मांग है कि देरी की वजह से लाभार्थियों को आर्थिक परेशानी न झेलनी पड़े, इसलिए चंद्रपुर जिले में योजना का मानदेय उन्हें नियमित रूप से और वक्त पर मिलने का इंतजाम किया जाए। यह मांग उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस को भेजे पत्र के जरिए की है।

पत्र में बताया गया है कि चंद्रपुर जिले के कई लाभार्थियों से योजना की रकम नियमित रूप से न मिलने की शिकायतें आ रही हैं। मुनगंटीवार के मुताबिक यह अनुदान लाभार्थियों के लिए सिर्फ आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का अहम जरिया है। इसलिए देरी से बचकर हर पात्र लाभार्थी को तय वक्त में अनुदान मिलना चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री से यह भी अनुरोध किया है कि संबंधित व्यवस्था को जरूरी निर्देश दिए जाएं, ताकि आगे अनुदान मिलने में देरी न हो।

मुनगंटीवार इस योजना के मानदेय के मामले में पहले भी पैरवी कर चुके हैं। बताया गया है कि उन्होंने विधानसभा में निराधारों के सवाल उठाए और राज्य के वित्त मंत्री रहते हुए अनुदान बढ़ाने की पहल की। वित्त मंत्री रहते हुए उन्होंने अनुदान की रकम 600 रुपये से बढ़ाकर 1,200 रुपये की थी। उसके बाद भी मदद कम पड़ती रही, यह देखते हुए उन्होंने मानदेय को 1,200 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये करने के लिए विधानसभा में लगातार आवाज उठाई।

मानदेय बढ़ाने की पिछली पैरवी की तरह ही अब मुनगंटीवार ने लाभार्थियों को अनुदान समय पर दिलाने के लिए सरकार का ध्यान खींचा है। उनका कहना है कि समाज के सबसे जरूरतमंद तबके को उसका हक का पैसा नियमित रूप से मिलना चाहिए। यही इस मांग के पीछे का मुख्य मकसद है।

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