बोथली में मादगी समाज की महिलाओं का कथित अपमान, पुलिस कार्रवाई न हुई तो धरने की चेतावनी
सावली तहसील के बोथली गांव में मादगी समाज की महिलाओं के कथित जातिगत अपमान का मामला गरमा गया है। समता संघर्ष समाज परिवर्तन संगठन, महाराष्ट्र राज्य और कई दूसरे सामाजिक संगठन इस मुद्दे पर आक्रामक हो गए हैं। उनका आरोप है कि 27 अक्टूबर को सावली पुलिस स्टेशन में शिकायत देने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित महिलाओं का कहना है कि बोथली में श्री संयुक्त शारदा महिला मंडल के शारदोत्सव के दौरान उनके साथ जाति के आधार पर अपमानजनक बर्ताव किया गया। इसी को लेकर 27 अक्टूबर 2026 को सावली पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दी गई थी। महिलाओं ने नाराजगी जताई है कि शिकायत के बावजूद जितनी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए थी, वह नहीं हुई।
इस बीच मामले में नया मोड़ आ गया। आरोप है कि 29 अक्टूबर को एक सार्वजनिक जगह पर मादगी समाज की महिलाओं के बारे में फिर से जातिसूचक और अपमानजनक बातें कही गईं। पीड़ित महिलाओं के मुताबिक यह बात शारदा मंडल की सदस्य शिवानी स्वप्नील निरुडवार ने कही। उन्होंने यह भी बताया है कि उस वक्त एक सज्जन भी वहां मौजूद थे। निवेदन में लिखा गया है कि इस कथित घटना से महिलाओं को मानसिक तकलीफ झेलनी पड़ रही है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए समता संघर्ष समाज परिवर्तन संगठन की राज्य महिला अध्यक्ष आयु. मायाताई मोहुर्ले की अगुवाई में 3 नवंबर को जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक चंद्रपुर और उपविभागीय पुलिस अधिकारी, मूल को निवेदन सौंपा गया। मांग की गई कि पीड़ित महिलाओं को न्याय मिले, दोनों शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो और दोष साबित होने पर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
निवेदन में कई मुख्य मांगें रखी गई हैं। 27 अक्टूबर की मूल शिकायत पर तुरंत कार्रवाई हो। 29 अक्टूबर की कथित घटना की अलग से दर्ज लेकर जांच की जाए। पीड़ित महिलाओं और चश्मदीदों के बयान लिए जाएं। उपलब्ध वीडियो रिकॉर्डिंग और दूसरे सबूतों की जांच हो। जांच में तथ्य मिलें तो अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (अत्याचार प्रतिबंधक) अधिनियम 1989 और बाकी लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए। इसके अलावा मांग है कि पीड़ित महिलाओं और उनके परिवारों पर किसी तरह का दबाव या धमकी न आए, इसके लिए सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं।
संगठन ने प्रशासन को 5 नवंबर 2026 तक ठोस कानूनी कार्रवाई शुरू करने की मोहलत दी है। निवेदन में चेतावनी दी गई है कि इस अवधि में कार्रवाई नहीं हुई तो समता संघर्ष समाज परिवर्तन संगठन की अगुवाई में मादगी समाज के लोग सावली पुलिस स्टेशन पर शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से धरना आंदोलन करेंगे।
संगठन की ओर से अपना रुख साफ किया गया: "हमारी लड़ाई किसी समाज के खिलाफ नहीं है, बल्कि जातिगत भेदभाव, अन्याय और महिलाओं के अपमान के खिलाफ है। पीड़ित महिलाओं को न्याय मिलने तक कानूनी और संवैधानिक रास्ते से यह लड़ाई जारी रहेगी।"
समता संघर्ष समाज परिवर्तन संगठन और दूसरे सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि महिलाओं के सम्मान, सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों की हिफाजत के लिए प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच करे और जो भी उचित कानूनी कार्रवाई बनती है, वह करे।
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