लक्ष्मी पूजन 8 नवंबर को, शाम 5:54 से रात 7:50 बजे तक शुभ मुहूर्त; पूजा की पूरी विधि
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कार्तिक अमावस्या के हिसाब से दिवाली रविवार 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त, सामग्री और विधि यहां है।
दिवाली की तैयारियां तेज हो गई हैं और अब सबकी नजर लक्ष्मी पूजन के दिन पर है। घरों में दीयों की रोशनी, रंगोली और पकवानों की हलचल शुरू होने वाली है। हिंदू धर्म में दिवाली के दिन माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा का खास महत्व बताया गया है।
धार्मिक मान्यता के मुताबिक इस दिन विधि से लक्ष्मी पूजन करने पर घर में सुख-समृद्धि आती है, धन-धान्य बढ़ता है और आर्थिक अड़चनें दूर होने में मदद मिलती है। ऐसी श्रद्धा है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि इस साल दिवाली किस दिन है, लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त कौन सा है और पूजा कैसे की जाए।
हिंदू पंचांग के अनुसार दिवाली कार्तिक अमावस्या को मनाई जाती है। इस साल कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर शुरू होगी और 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। इसी वजह से दिवाली का त्योहार रविवार, 8 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा।
लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात 7 बजकर 50 मिनट तक है। इस दौरान परिवार के लोग साथ बैठकर माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा करें।
पूजा शुरू करने से पहले सारी सामग्री एक जगह रख लेनी चाहिए। इसमें माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियां, पूजा की चौकी, लाल वस्त्र, रोली, कुमकुम, चंदन, अक्षत, पान, सुपारी, पंचामृत, नारियल और गंगाजल चाहिए। साथ में कलश, आम के पत्ते, मौली और जनेऊ भी रखें। फूल, फल, दूर्वा, धूप, कपूर, दीये और कपास की बातियों का इंतजाम भी करें। माता लक्ष्मी को चढ़ाने के लिए खील, बताशे और मिठाई भी सामग्री में शामिल करें।
लक्ष्मी पूजन से पहले पूरे घर और पूजा की जगह की सफाई करें। फिर दीयों और रंगीन बिजली की लड़ियों से घर सजाएं। चौकी लगाकर उस पर साफ कपड़ा बिछाएं। इस चौकी पर माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की मूर्तियां या तस्वीरें स्थापित करें।
इसके बाद देवताओं के सामने घी या तेल का दीया जलाएं, भगवान गणेश का स्मरण करें और पूजा शुरू करें। पूजा के दौरान रोली, अक्षत, फूल, फल, धूप, दीप और मिठाई अर्पित करें। फिर भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें। इस समय माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप भी किया जा सकता है।
पूजा के अंत में सभी देवी-देवताओं की आरती करें। आरती के बाद परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाल जीवन और आर्थिक तरक्की के लिए प्रार्थना करें। इस तरह दिवाली के शुभ मुहूर्त में श्रद्धा से लक्ष्मी पूजन करके त्योहार की खुशी मनाई जा सकती है।
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