भारत में बढ़ी डिमांड, फेरारी बढ़ाने को तैयार सुपरकार की सप्लाई
इटली की लग्जरी कार कंपनी फेरारी भारत में बढ़ती मांग को देखते हुए सुपरकार की सप्लाई बढ़ाने की तैयारी में है। इस साल के पहले 9 महीनों में ही 45 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है।
इटली की मशहूर लग्जरी कार कंपनी फेरारी भारत में अपनी सुपरकार्स की सप्लाई बढ़ाने की तैयारी में है। वजह है देश में बढ़ती मांग। महंगी स्पोर्ट्स कार पसंद करने वाले भारतीय कस्टमर्स की गिनती बढ़ रही है। कंपनी ने कहा है कि मांग के हिसाब से वह भारत को ज्यादा गाड़ियां देने के लिए तैयार है।
रजिस्ट्रेशन के आंकड़े भी यही बताते हैं। 2025 में भारत में फेरारी की 45 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ। 2024 में यह आंकड़ा 35 गाड़ियों का था, यानी 28.6% ज्यादा। खास बात यह है कि 2026 के जनवरी से सितंबर, यानी सिर्फ 9 महीनों में भी 45 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हो गया। मतलब पिछले पूरे साल का आंकड़ा कंपनी ने 9 महीनों में ही छू लिया।
फेरारी के फार ईस्ट और मिडल ईस्ट डिवीजन के प्रेसिडेंट फ्रांसेस्को बियांची ने साफ किया कि सप्लाई बढ़ाने का फैसला मांग पर टिका रहेगा। कंपनी दुनिया भर में गाड़ियों का प्रोडक्शन और अलग-अलग देशों को होने वाली सप्लाई पहले से तय योजना के हिसाब से करती है। इसलिए भारत को कितनी ज्यादा गाड़ियां मिलेंगी और यह कब से होगा, इस पर कंपनी ने अभी कोई पक्का आंकड़ा या तारीख नहीं बताई है।
कंपनी की नजर भारत और यूरोपियन यूनियन के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर भी है। उम्मीद है कि इस करार से पात्र यूरोपियन कारों पर इंपोर्ट ड्यूटी धीरे-धीरे कम होगी। इससे आगे चलकर फेरारी के कुछ मॉडल्स की कीमतों पर असर पड़ सकता है। लेकिन यह करार अभी लागू नहीं हुआ है, इसलिए यह पक्का नहीं कहा जा सकता कि भारत में फेरारी की कीमतें कितनी घटेंगी। आखिरी असर ड्यूटी के प्रावधानों और कंपनी की प्राइसिंग पॉलिसी पर निर्भर करेगा।
कंपनी भारत में अपना सेल्स और सर्विस नेटवर्क भी बढ़ाएगी। अभी दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में फेरारी के शोरूम और सर्विस सुविधाएं हैं। अहमदाबाद और चेन्नई में भी नई सुविधाएं शुरू करने की योजना है, और 2026 के आखिर तक इस पर प्रगति होने की संभावना है। कंपनी के मुताबिक 12Cilindri, Purosangue और Amalfi जैसे मॉडल्स के बारे में संभावित कस्टमर्स पूछताछ कर रहे हैं।
दुनिया भर में 2025 में फेरारी की बिक्री में थोड़ी गिरावट आई थी। फिर भी भारत में बढ़ती मांग, इंपोर्ट ड्यूटी में संभावित कटौती और नए शोरूम की वजह से यह बाजार कंपनी के लिए अहम बनता जा रहा है। फेरारी अपनी खास पहचान और गाड़ियों की सीमित उपलब्धता बनाए रखते हुए भारत में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही है।