भांडेवाड़ी हत्याकांड: तीन महीने से भागा कथित सूत्रधार अमन कैतवार यूपी से गिरफ्तार
भांडेवाड़ी में 2 जुलाई को हुई गणेश बोरकर की हत्या के मामले में पुलिस ने कथित मुख्य सूत्रधार को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर के भांडेवाड़ी में हुई गणेश बोरकर की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी है। वारदात का कथित मुख्य सूत्रधार अमन उर्फ नाटो कैतवार करीब तीन महीने से पुलिस को चकमा दे रहा था। अब भांडेवाड़ी पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश से पकड़ लिया है।
पुलिस को मुखबिर के जरिए गुप्त सूचना मिली थी कि अमन कैतवार उत्तर प्रदेश में कहीं छिपा बैठा है। इसी सुराग के सहारे भांडेवाड़ी पुलिस की टीम वहां पहुंची और उसे धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 16 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है।
यह मामला 2 जुलाई की रात का है। भांडेवाड़ी पुलिस स्टेशन के दायरे में आने वाले हनुमान नगर इलाके में 45 साल के गणेश उर्फ गुरुदेव बोरकर पर तीन अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया था। हमलावरों ने चेहरे पर नकाब बांध रखा था और उनके हाथ में धारदार हथियार थे। गहरी चोटों की वजह से गणेश बोरकर की जान चली गई।
वारदात के बाद पुलिस ने हमलावरों की पहचान और हत्या की वजह खंगालनी शुरू की। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, शक मृतक के करीबी लोगों की कथित साजिश की तरफ गया। पुलिस ने इस मामले में पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें मृतक की पत्नी मनीषा बोरकर, अभिषेक उर्फ दादू साखरे, रोहित बोरकर और एक नाबालिग शामिल है। लेकिन जिसे पुलिस मुख्य सूत्रधार बता रही है, वह अमन कैतवार घटना के बाद से हाथ नहीं आया था और उसकी तलाश चलती रही।
पुलिस जांच के मुताबिक गणेश और उनकी पत्नी मनीषा के बीच घरेलू विवाद चल रहा था और दोनों अलग-अलग रह रहे थे। पुलिस का आरोप है कि मनीषा ने दावा किया था कि उसे पति की तरफ से जान से मारने की धमकी मिली थी। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पति को खत्म करने की साजिश रची और सुपारी देकर वारदात करवाई। जांच में सुपारी किलर के इस्तेमाल की बात भी कथित तौर पर सामने आई है।
अब अमन कैतवार के पकड़े जाने के बाद पुलिस साजिश की पूरी कड़ी जोड़ने में लगी है। जांच करने वाले यह जानना चाहते हैं कि हत्या की योजना कैसे बनी, उसे कैसे अंजाम दिया गया, सुपारी का लेन-देन किस तरह हुआ और बाकी आरोपियों की क्या-क्या भूमिका रही। अमन की खुद की कथित भूमिका कितनी बड़ी है, इसे भी पूछताछ में परखा जाएगा। पुलिस को उम्मीद है कि इससे पहले पकड़े गए आरोपियों और कथित साजिशकर्ता के आपसी रिश्ते भी साफ हो जाएंगे।
ये सारी बातें फिलहाल पुलिस जांच का हिस्सा हैं और इन्हें सबूतों और अदालती कार्रवाई में साबित करना होगा। मामले की आगे की जांच जारी है और पूछताछ में और जानकारियां सामने आ सकती हैं।