भडगाव: गिरणा नदी में अवैध रेत खनन पर आधी रात छापा, 12 वाहन जब्त
भडगाव तालुका के वाक में गिरणा नदी के पात्र से कथित अवैध रेत खनन के खिलाफ रेवेन्यू विभाग ने आधी रात कार्रवाई की। 7 डंपर, 2 जेसीबी और 3 ट्रैक्टर जब्त हुए।
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भडगाव तालुका के वाक गांव में गिरणा नदी के पात्र से कथित तौर पर अवैध रेत निकाली जा रही थी। इसके खिलाफ रेवेन्यू प्रशासन ने आधी रात को सख्त कार्रवाई की। तहसीलदार शीतल सोलाट के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई में कुल 7 डंपर, 2 जेसीबी और 3 ट्रैक्टर जब्त किए गए।
इस कार्रवाई से तालुका में रेत निकालने वालों के बीच हड़कंप मच गया है। गिरणा नदी पात्र में रेत निकालने का मामला कुछ समय से चर्चा में है। नागरिकों की शिकायतें आ रही थीं कि रात के अंधेरे में रेत की खुदाई और ढुलाई होती है।
प्रशासन को 1 अक्टूबर की सुबह तड़के जानकारी मिली कि वाक में गिरणा नदी पात्र में रेत की खुदाई और ढुलाई चल रही है। इसके बाद रेवेन्यू विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वहां नदी पात्र में रेत निकालने और ढोने में इस्तेमाल हो रहे वाहन मिले। प्रशासन ने डंपर, जेसीबी और ट्रैक्टर अपने कब्जे में ले लिए।
बताया गया है कि कार्रवाई के दौरान तहसीलदार शीतल सोलाट ने पुलिस इंस्पेक्टर महेश टाक से संपर्क कर पुलिस बल की मदद ली। जब्त किए गए वाहन तहसील दफ्तर में जमा कर दिए गए हैं। अब इन वाहनों के मालिकों, ड्राइवरों और उनके पास मौजूद परमिट की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई करना जरूरी है।
इसी बीच गिरड-मांडकी इलाके में भी अवैध रेत खुदाई के खिलाफ अलग से कार्रवाई की गई। मंडल अधिकारी दिनेश येडे के नेतृत्व में टीम ने मांडकी से एक ट्रैक्टर पकड़ा, जिसके अवैध रेत खुदाई में इस्तेमाल होने का शक है। इसे भी तहसील दफ्तर में जमा किया गया।
तीसरी कार्रवाई अगले दिन रात में हुई। भडगाव तहसीलदार शीतल सोलाट के नेतृत्व में आधी रात को टाटा कंपनी के सफेद रंग के दो हाईवा डंपर पकड़े गए। ये डंपर गाड़ी की क्षमता से ज्यादा अवैध रेत भरकर ले जा रहे थे। इस कार्रवाई में सुधीर सोनवणे, राजश्री जानराव, भरत पाटील, व्ही. सी. पाटील, शितल राजपूत, प्रियंका शिंदे, लोकेश महाजन, प्रसाद दुस्कर, विशाल सूर्यवंशी और वाहन चालक स्वप्निल महाले शामिल थे।
शिकायतें हैं कि गिरणा नदी पात्र के कुछ हिस्सों में बार-बार अवैध रेत खुदाई हो रही है। इससे नदी पात्र की प्राकृतिक बनावट, पर्यावरण और सार्वजनिक संपत्ति पर असर पड़ने की आशंका है। इसलिए सिर्फ वाहन जब्त करके रुक जाने के बजाय अवैध खुदाई की जड़ तक पहुंचना, संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करना और दोबारा ऐसा न हो इसके लिए रोकथाम के उपाय करना जरूरी है।