यावल की 56.03 करोड़ की जलापूर्ति योजना का आधा काम हुआ, फरवरी-मार्च में पानी का लक्ष्य
महाराष्ट्र सुवर्ण जयंती नगरोत्थान महाअभियान की यावल जलापूर्ति योजना का करीब 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
यावल शहर के लिए मंजूर हुई जलापूर्ति योजना का काम इन दिनों युद्धस्तर पर चल रहा है। महाराष्ट्र सुवर्ण जयंती नगरोत्थान महाअभियान के तहत बन रही यह योजना 56.03 करोड़ रुपये की है और इसका करीब 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
योजना को 15 अक्टूबर 2024 को प्रशासनिक मंजूरी मिली थी। काम के लिए ठेकेदार मेसर्स एससीआईपीएल और संदीप कंस्ट्रक्शन, गंगाखेड को 23 मई 2025 को कार्यादेश दिया गया। नगराध्यक्षा छाया अतुल पाटील ने योजना की यह जानकारी दी।
योजना का उद्भव तापी नदी के किनारे शेलगाव बैराज पर, टाकरखेडा गांव के पास लिया गया है। वहां पांच मीटर व्यास का एक इंटेक वेल, दो इंस्पेक्शन वेल और आठ मीटर व्यास का जैकवेल बनाया जाएगा। इसके अलावा 200 मीटर का अप्रोच बंड और 600 मीटर का अप्रोच रोड भी बनना है।
नदी का पानी इंटेक वेल से जैकवेल तक पहुंचाने के लिए 600 मि.मी. व्यास की पाइपलाइन डाली जा रही है। अप्रोच बंड का काम पूरा हो गया है, जबकि जैकवेल और इंटेक वेल का काम युद्धस्तर पर जारी है। जैकवेल से पानी जलशुद्धीकरण केंद्र भेजने के लिए 250 एचपी का पंप लगाया जा रहा है। बिजली का खर्च बचाने के लिए 190 केवी का सोलर प्लांट भी लगेगा।
जैकवेल से जलशुद्धीकरण केंद्र तक 400 मि.मी. व्यास की 8 किमी पाइपलाइन बिछनी है, जिसमें से 4.10 किमी का काम हो चुका है। योजना में 11 मिलियन लीटर क्षमता का आधुनिक जलशुद्धीकरण केंद्र, प्री-सेटलिंग टैंक, फिल्टर बेड साफ करने की व्यवस्था और पानी का दोबारा इस्तेमाल शामिल है। केंद्र पर 120 केवी का सोलर प्लांट भी होगा। केंद्र का 45 फीसदी काम पूरा है। 57 किमी की वितरण पाइपलाइन में से 21 किमी का काम हो चुका है।
शुद्ध हुआ पानी 60 एचपी से 22 लाख लीटर क्षमता की साने गुरुजी पानी की टंकी में और 50 एचपी से 10 लाख लीटर क्षमता की श्रीराम नगर पानी की टंकी में पहुंचाया जाएगा।
पूर्व नगराध्यक्ष और मौजूदा पार्षद अतुल पाटील ने बताया कि 2021 में 2056 की आबादी मानकर हर व्यक्ति को 135 लीटर पानी मिले, इसी सोच से यह सपना देखा गया था और अब वह पूरा होता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि योजना 56 करोड़ की है, लेकिन अब तक सिर्फ साढ़े सात करोड़ रुपये मिले हैं, और उतनी निधि में 50 फीसदी काम हो गया है।
अतुल पाटील के मुताबिक पहले पारंपरिक फिल्टर थे और गाद हाथ से निकालनी पड़ती थी, लेकिन अब नए केंद्र में गाद मशीनी तरीके से निकाली जाएगी। उन्होंने कहा, "मुझे यकीन है कि अगले फरवरी-मार्च में हम इस नई शेलगाव योजना से शहर को पानी दे सकेंगे।"
अभियंता अनुराधा पाटील ने कहा कि योजना का काम प्रशासन की ओर से प्रगति पर है और महाराष्ट्र सुवर्ण जयंती नगरोत्थान के तहत काम जल्द से जल्द पूरा हो, इसके लिए कोशिशें चल रही हैं। उन्होंने बताया कि रास्ते की थोड़ी अड़चन थी, जिसे जल्दी कोशिश करके सुलझाया जाएगा।
नगराध्यक्षा छाया पाटील के निरीक्षण दौरे में पार्षद अतुल पाटील, जलापूर्ति अभियंता अनुराधा पाटील, दादू धोत्रे, पीएमसी के जैन और सुमित मौजूद थे। पार्षद सागर चौधरी, पार्षद पराग सराफ, उमर कच्ची, करीम मन्यार, शिवसेना तालुका प्रमुख शरद कोली, शहर प्रमुख जगदीश कवडीवाले, संतोष धोबी, योगेश पाटील, पप्पू जोशी, फारूक हाजी, नरेंद्र शिंदे, भूषण खैरे, किशोर माली और पत्रकार भी साथ थे।