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अरुणाचल सीमा पर चीनी सेना से कई बार आमना-सामना, ITBP प्रमुख ने बताया; कांग्रेस ने सरकार को घेरा

ITBP के डीजी शत्रुजीत कपूर ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में भारतीय और चीनी सैनिक कई जगह आमने-सामने आए हैं। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया।

अरुणाचल सीमा पर चीनी सेना से कई बार आमना-सामना, ITBP प्रमुख ने बताया; कांग्रेस ने सरकार को घेरा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

भारत-चीन सीमा पर एक बार फिर तनाव की खबर सामने आई है। ITBP के डीजी शत्रुजीत कपूर ने बताया है कि अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर भारतीय और चीनी सैनिक कई बार आमने-सामने आए हैं और यह सिलसिला अब भी चल रहा है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस बारे में एक पोस्ट शेयर की है।

शत्रुजीत कपूर गुरुवार को राजस्थान के अलवर में सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज में हुए हिमवीर सम्मान समारोह में शामिल हुए थे। वहां बोलते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में अरुणाचल प्रदेश में कई जगह चीनी और भारतीय सैनिक आमने-सामने आए हैं और झड़प भी हुई है। उनके मुताबिक हालात अब भी वैसे ही बने हुए हैं।

कपूर ने बताया कि जुलाई के आखिर से अपर सुबनसिरी जिले के आसाफिला और माजा इलाके में तनाव बना हुआ है। भारत ने सीमा पर अपनी तैनाती भी बढ़ा दी है। उनका कहना था कि तीन बैठकें होने के बाद भी तनाव खत्म नहीं हुआ है। जुलाई से दोनों देशों के बीच तीन उच्चस्तरीय बैठकें हुईं, यानी डब्ल्यूएमसीसी, विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत और कॉर्प्स कमांडर स्तर की बैठक। भारत में हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग शामिल हुए थे, फिर भी तनाव कायम है।

कपूर ने कहा, "हमारा शौर्य कमांडो दल वहां तैनात है और उसने बहुत अच्छा काम किया है। यह एक नई पहल थी। हम जानते हैं कि ITBP की शुरुआत एक पहाड़ी गुरिल्ला दल के रूप में हुई थी। उसके बाद हमने एक पारंपरिक दल के तौर पर चीन की सीमा संभाली।" उन्होंने यह भी कहा कि अब गुरिल्ला युद्ध की जरूरत नहीं है, बल्कि खुद को एक ऊंचे इलाकों के दल के रूप में खड़ा करने की जरूरत है।

ड्रोन के आने से पारंपरिक लड़ाई का तरीका काफी बदल गया है, यह बात भी कपूर ने उठाई। ITBP ड्रोन बनाने और ड्रोन-रोधी क्षमता मजबूत करने पर काम कर रही है। साथ ही ITBP एलएसी के पास अपने संसाधनों की हिफाजत के लिए भूमिगत ठिकाने बना रही है।

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि इन झड़पों पर सरकार चुप है। उन्होंने X पर लिखा कि 19 जून 2020 को प्रधानमंत्री ने चीन को जो कुख्यात क्लीन चिट दी थी, उसकी कीमत भारत चुका रहा है। रमेश के मुताबिक एक तरफ खुद को विश्वगुरु कहने वाले चीन को सोच-समझकर रियायतें दे रहे हैं, दूसरी तरफ ITBP के डीजी ने अरुणाचल प्रदेश में पीएलए के साथ हुई हालिया झड़पों में दल के काम की तारीफ की है। रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरे मामले पर मौन साध रखा है और यह हैरान करने वाला है।

इससे पहले 2017 में डोकलाम में दोनों देशों की सेनाओं के बीच टकराव हुआ था और लंबे वक्त तक तनाव रहा था। उसके बाद कुछ समय शांति रही, लेकिन अब तनाव फिर बढ़ गया है। उस वक्त संसद में भी डोकलाम का मुद्दा जोर-शोर से उठा था और विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरा था।

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