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अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ के खिलाफ चीन, आधिकारिक दस्तावेज़ में रखी अपनी बात

चीन के विदेश मंत्रालय ने अंतरिक्ष प्रशासन और सुरक्षा पर अपना आधिकारिक रुख बताने वाला दस्तावेज़ जारी किया है।

अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ के खिलाफ चीन, आधिकारिक दस्तावेज़ में रखी अपनी बात तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

धरती की लड़ाइयां अब अंतरिक्ष तक पहुंच सकती हैं, ऐसी आशंका के बीच चीन ने अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ का विरोध किया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार (23 अक्टूबर) को एक दस्तावेज़ जारी किया, जिसमें अंतरिक्ष प्रशासन और सुरक्षा पर उसका आधिकारिक रुख साफ किया गया है।

इस दस्तावेज़ में अंतरिक्ष के सैन्यीकरण, सैटेलाइट पर हथियारों के इस्तेमाल और अंतरिक्ष में जंग जैसे हालात बनाने का कड़ा विरोध किया गया है। चीन का कहना है कि अंतरिक्ष का इस्तेमाल सिर्फ शांतिपूर्ण रिसर्च, वैज्ञानिक तरक्की और सभी देशों के विकास के लिए होना चाहिए। दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच बढ़ती होड़ को देखते हुए इस दस्तावेज़ की अहमियत बढ़ गई है।

चीन के मुताबिक अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ दुनिया की सुरक्षा के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। अलग-अलग देश सैटेलाइट पर नजर रखने वाले सिस्टम, मिसाइल डिफेंस सिस्टम और अंतरिक्ष की सैन्य टेक्नोलॉजी तैयार कर रहे हैं।

ऐसे में अगर अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती बढ़ी, तो देशों के बीच टकराव और तेज हो सकता है। सैटेलाइट पर हमले हुए तो सिर्फ सेना का संपर्क ही नहीं, बल्कि संचार, मौसम का अनुमान, नेविगेशन और पैसों के लेन-देन पर भी असर पड़ सकता है। इसीलिए चीन ने कहा है कि अंतरिक्ष में शांति और सुरक्षा बनाए रखना जरूरी है।

चीन ने अपने रुख में अमेरिका की बढ़ती अंतरिक्ष सैन्य गतिविधियों पर भी परोक्ष तौर पर टीका की है। चीन का आरोप है कि अमेरिका अंतरिक्ष को संभावित जंग के मैदान की तरह देखता है। उसका कहना है कि अंतरिक्ष में सैन्य नियंत्रण की क्षमता और मिसाइल डिफेंस की नई योजनाओं से दुनिया का सामरिक संतुलन बिगड़ सकता है।

संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भी चीन ने अमेरिका से अंतरिक्ष में सैन्य विस्तार रोकने की अपील की है। हालांकि अमेरिका का पक्ष और चीन के आरोप, इन दोनों के बीच मतभेद अब भी बने हुए हैं।

चीन ने सिर्फ सरकारी सैन्य व्यवस्थाओं पर ही नहीं, निजी अंतरिक्ष कंपनियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उसने कहा है कि कमर्शियल सैटेलाइट सेवाओं और अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में दखल देने या चल रही जंगों में मदद करने के लिए नहीं होना चाहिए।

इसके लिए कमर्शियल अंतरिक्ष गतिविधियों पर सही नियम और नियंत्रण की मांग की गई है। साथ ही चीन ने अपील की है कि चीन और रूस ने पहले अंतरिक्ष में हथियार तैनात करने पर रोक लगाने वाले समझौते का जो प्रस्ताव रखा था, उस पर अंतरराष्ट्रीय बातचीत आगे बढ़ाई जाए।

इस बीच चीन ने अंतरिक्ष रिसर्च और टेक्नोलॉजी को आर्थिक विकास के लिए इस्तेमाल करने का समर्थन किया है। लेकिन उसने साफ कहा है कि इनका इस्तेमाल जंग के लिए नहीं होना चाहिए। अमेरिका, चीन और रूस जैसी बड़ी ताकतों के बीच अंतरिक्ष में दबदबे की होड़ बढ़ रही है, ऐसे में नजर इस पर है कि इस रुख का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या असर होता है।

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