अंधेरी ESIC अस्पताल में आठ साल बाद भर्ती शुरू, पर पुरुष वॉर्ड और ICU अभी बंद
अंधेरी के ESIC अस्पताल का इन-पेशंट विभाग भीषण आग के लगभग आठ साल बाद फिर चालू हुआ है, लेकिन सिर्फ 25 बिस्तरों का महिला वॉर्ड खुला है।
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अंधेरी के ESIC अस्पताल में भीषण आग लगे लगभग आठ साल हो चुके हैं। इतने लंबे इंतज़ार के बाद अस्पताल का इन-पेशंट विभाग (आईपीडी) फिर से शुरू कर दिया गया है। लेकिन अस्पताल अभी पूरी क्षमता से नहीं चल रहा, इसलिए मरीज़ों की दिक्कतें बनी हुई हैं।
फिलहाल यहां 25 बिस्तरों का महिला वॉर्ड चालू किया गया है। इसमें महिला मरीज़ों को भर्ती करके इलाज दिया जा रहा है। पुरुष वॉर्ड अभी शुरू नहीं हुआ है। इसके अलावा ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी अहम सुविधाएं भी अभी उपलब्ध नहीं हैं।
आग से पहले इस अस्पताल में हर तरह की गहन चिकित्सा सुविधाएं काम करती थीं। अब ये सुविधाएं बंद हैं, इसलिए गंभीर मरीज़ों को ज़रूरी इलाज के लिए दूसरे ESIC अस्पतालों में भेजना पड़ रहा है।
अस्पताल प्रशासन की जानकारी के मुताबिक आईपीडी सेवाएं चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही हैं। ज़रूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुरुष वॉर्ड और गहन चिकित्सा सुविधाएं शुरू की जाएंगी। प्रशासन की ओर से बताया गया कि इस साल 31 दिसंबर तक ज़रूरी और बहुविशेषज्ञ सेवाएं बड़े पैमाने पर चालू करने की योजना है।
अस्पताल के अधिष्ठाता डॉ. अजय पाटील के अनुसार, उच्चस्तरीय प्रशासनिक चर्चा के बाद 31 मार्च 2027 तक अस्पताल को पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। यानी आठ साल के इंतज़ार के बाद अस्पताल खुल तो गया है, पर सारी मेडिकल सुविधाएं पूरी क्षमता से कब मिलेंगी, यह सवाल अब भी बना हुआ है।
एक मरीज़ के रिश्तेदार ने बताया कि भर्ती की सुविधा फिर शुरू होने से राहत मिली है। लेकिन ऑपरेशन या किसी खास जांच की ज़रूरत पड़ने पर कांदिवली के ESIC अस्पताल जाना पड़ता है, जिससे मरीज़ों को काफी परेशानी हो रही है।
अस्पताल में अभी 25 बिस्तरों का महिला आईपीडी वॉर्ड, कैज़ुअल्टी, प्रयोगशाला, ईसीजी, ओपीडी, रेडियोलॉजी और फार्मेसी की सुविधाएं उपलब्ध हैं। महाराष्ट्र राज्य रुग्णसेवक व श्रमिक कामगार संघटना के सचिव एड. भिमेश मुतुला ने बताया कि अस्पताल को पूरी क्षमता से शुरू कराने के लिए वे लगातार पैरवी करते रहे हैं।