लीलावती अस्पताल में श्रवणदोष वाले बच्चों के लिए नया AVT क्लिनिक शुरू
लीलावती हॉस्पिटल अँड रिसर्च सेंटर ने कम सुनने वाले बच्चों के लिए ऑडिटरी वर्बल थेरेपी (एवीटी) क्लिनिक शुरू किया है। अस्पताल ने यह क्लिनिक इसलिए खोला है कि ऐसे बच्चों के पूरे पुनर्वास की एक अहम जरूरत है।
क्लिनिक में कम सुनने वाले बच्चों को खास थेरेपी और ऐसी मदद दी जाएगी, जिसमें पूरे परिवार को साथ रखा जाता है। खासकर उन बच्चों पर ध्यान रहेगा, जिनकी कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी हो चुकी है। कॉक्लियर इम्प्लांट एक इलेक्ट्रॉनिक सुनने का उपकरण है, जो कम सुनने वाले बच्चों को आवाज सुनने की क्षमता देता है।
क्लिनिक का मकसद बच्चों को सुनने, बोलने और बातचीत करने में मदद करना है। साथ ही रोजमर्रा की जिंदगी और पढ़ाई-लिखाई में उन्हें शामिल होने में भी सहारा देना है।
इंटरनेशनल जर्नल ऑफ प्रिव्हेंटिव्ह मेडिसिन में छपी एक स्टडी के मुताबिक हर 1000 नवजात बच्चों में करीब 5 से 6 बच्चों की सुनने की क्षमता कम होती है। ऐसे बच्चों में कम सुनने की पहचान ज्यादातर विकास के अहम पड़ावों के बाद ही होती है। इससे साफ दिखता है कि जल्दी पहचान और वक्त पर सही इलाज जरूरी है। ऐसे बच्चों में भाषा और बोलने की क्षमता अच्छी तरह विकसित हो, इसके लिए पुनर्वास बेहद अहम है।
अस्पताल के मुताबिक कॉक्लियर इम्प्लांट बच्चों को आवाज सुनने में मदद करते हैं, लेकिन सिर्फ इतने से असरदार बातचीत नहीं हो पाती। एवीटी बच्चों को सुनी हुई आवाजों के सहारे बोलचाल और भाषा की स्किल विकसित करने में मदद करती है। इससे उनके लिए बात करना, सीखना और दूसरों से आसानी से घुलना-मिलना सरल होता है। नियमित थेरेपी सेशन के जरिए बच्चों को रोजमर्रा की बातचीत और पढ़ाई से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लेने लायक बनाया जाता है।
लीलावती हॉस्पिटल अँड रिसर्च सेंटर, मुंबई के पर्मनंट ट्रस्टी फॉर लाइफ श्री राजीव के. मेहता ने क्लिनिक की शुरुआत पर कहा, "कॉक्लियर इम्प्लांटेशन बच्चे के सुनने के सफर का पहला कदम है। हमारे एवीटी क्लिनिक के जरिए हम यह पक्का करना चाहते हैं कि बच्चों को सिर्फ आवाज सुनने की क्षमता न मिले, बल्कि स्कूल और रोजमर्रा की जिंदगी में पूरी तरह शामिल होने के लिए जरूरी बोलने की स्किल और आत्मविश्वास भी विकसित हो। इस पहल से जरूरतमंद और वंचित तबकों के बच्चों समेत सभी बच्चों को अच्छी सुनने की पुनर्वास सेवा आसानी से मुहैया कराने की हमारी प्रतिबद्धता दिखती है।"
अस्पताल के मुताबिक शुरू किया गया यह एवीटी क्लिनिक समाज सेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। साथ ही यह बच्चों को आजाद और आसान जिंदगी जीने में मदद करता है।