बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
19:55 IST

अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो 17 से 22 अक्टूबर भारत में, मुंबई और जामनगर जाएंगे

अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक रुबियो ऊर्जा सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और निवेश पर बात करेंगे। छह महीने में यह उनका दूसरा भारत दौरा है।

अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो 17 से 22 अक्टूबर भारत में, मुंबई और जामनगर जाएंगे तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो अगले हफ्ते भारत आ रहे हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक यह दौरा 17 से 22 अक्टूबर के बीच होगा। दोनों देशों के रिश्तों को और रफ्तार देने के लिए यह दौरा रखा गया है। रुबियो इस दौरान मुंबई और जामनगर जाएंगे।

विदेश विभाग का कहना है कि इस दौरे में ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने, क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक निवेश के नए मौकों पर विस्तार से बातचीत होगी।

यह छह महीने में रुबियो का दूसरा भारत दौरा है। मई में नई दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई थी। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के न्योते पर रुबियो उसमें शामिल हुए थे। इतने कम समय में अमेरिकी विदेश सचिव का दोबारा भारत आना दोनों देशों के बढ़ते सामरिक और आर्थिक रिश्तों को दिखाता है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, रुबियो भारत में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, नीति बनाने वालों और बड़े उद्योगपतियों से मिलेंगे। इन बैठकों का मकसद अमेरिका और भारत की सामरिक साझेदारी को मजबूत करना, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा चुनौतियों पर विचार करना और हरित व पारंपरिक ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है।

कारोबार और सीधे विदेशी निवेश को बढ़ाने के लिए रुबियो के साथ अमेरिका के शीर्ष उद्योगपतियों और बड़े अधिकारियों का एक बड़ा दल भी आएगा। इस प्रतिनिधिमंडल में 200 से ज्यादा कारोबारी नेता शामिल हैं। माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों के बीच उद्योग के लेन-देन और रोजगार के नए मौकों को बढ़ावा मिल सकता है।

दौरे का सबसे अहम पड़ाव गुजरात का जामनगर होगा। जामनगर को दुनिया के ऊर्जा नक्शे पर अहम जगह माना जाता है। यहां रिलायंस इंडस्ट्रीज की दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत पेट्रोकेमिकल और कच्चे तेल की रिफाइनरी है। इसकी क्षमता रोजाना 1.4 मिलियन यानी 14 लाख बैरल कच्चे तेल को प्रोसेस करने की है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार्च में एक घोषणा की थी। इसके मुताबिक अमेरिका रिलायंस इंडस्ट्रीज के सहयोग और निवेश से पिछले 50 साल में अपनी पहली बड़ी रिफाइनरी बनाएगा। यह रिफाइनरी टेक्सास के ब्राउन्सविले में करीब 300 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से बनेगी। इस पृष्ठभूमि में रुबियो का जामनगर दौरा दोनों देशों के ऊर्जा क्षेत्र के लेन-देन को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

दौरे के पहले चरण में रुबियो उज्बेकिस्तान के ऐतिहासिक शहर समरकंद जाएंगे। वहां वे बहुपक्षीय C5+1 मंत्रीस्तरीय परिषद में शामिल होंगे। इस बैठक में मध्य एशिया के पांचों प्रमुख देशों, यानी उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और किर्गिज गणराज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से वे द्विपक्षीय सुरक्षा और व्यापार पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

मध्य एशिया की बातचीत पूरी करने के बाद रुबियो सीधे भारत पहुंचेंगे। मुंबई में भारतीय उद्योगपतियों से चर्चा के बाद वे जामनगर जाकर ऊर्जा प्रोजेक्ट देखेंगे।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे