अकोला महापालिका को पांच महीने में वसूलना है 262 करोड़ का संपत्ति कर
चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में सिर्फ 21 करोड़ 12 लाख रुपये की वसूली हुई है। पानी की किल्लत के बीच कर्मचारियों के लिए सख्ती करना मुश्किल हो रहा है।
अकोला महापालिका के सामने इस वक्त संपत्ति कर वसूली की बड़ी चुनौती खड़ी है। चालू वित्त वर्ष के बाकी पांच महीनों में उसे 262 करोड़ रुपये का संपत्ति कर वसूल करना है। जबकि वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में महापालिका सिर्फ 21 करोड़ 12 लाख रुपये का कर वसूल कर पाई है। ऐसे में लक्ष्य तक पहुंचने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।
संपत्ति कर महापालिका की कमाई का अहम जरिया है। हर साल करीब 80 करोड़ रुपये का संपत्ति कर वसूलने का लक्ष्य रखा जाता है। लेकिन हर साल सौ फीसदी वसूली नहीं हो पाती, इसलिए करोड़ों रुपये का कर बकाया रह जाता है। नतीजा यह कि बकाया रकम दिन-ब-दिन बढ़ रही है और अभी करीब 203 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया है।
बकाया कर की वसूली के लिए महापालिका समय-समय पर अभय योजना चलाती है। नियम के मुताबिक बकाया कर पर हर महीने दो फीसदी रकम जोड़ने का प्रावधान है। यानी मूल कर के साथ ब्याज की रकम भी बढ़ती जाती है। इसके बावजूद अभय योजना चलाने पर भी वसूली का अनुपात 50 फीसदी से आगे नहीं जा रहा है।
वित्त वर्ष 2025-26 में महापालिका को 80 करोड़ 69 लाख रुपये का चालू कर और 127 करोड़ रुपये का बकाया कर, यानी कुल 207 करोड़ 69 लाख रुपये वसूलने थे। चालू वित्त वर्ष में अब तक चालू कर के तौर पर 13 करोड़ 55 लाख रुपये वसूले गए हैं, जबकि बकाया कर के तौर पर 21 करोड़ 12 लाख रुपये आए हैं।
सात महीनों में वसूली बहुत कम रही है, और इसकी एक वजह शहर के हालात भी हैं। अकोला इस समय पानी की गंभीर किल्लत झेल रहा है और लोगों को दस दिन में एक बार पानी की सप्लाई मिल रही है। ऐसे में कर वसूलने निकले महापालिका कर्मचारियों को लोगों के सवालों का सामना करना पड़ रहा है। पानी जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर नाराजगी है, इसलिए जबरन कर वसूलना प्रशासन के लिए कठिन साबित हो रहा है।
इन्हीं हालात में चालू और बकाया कर मिलाकर बाकी पांच महीनों में 262 करोड़ रुपये की वसूली करने का बड़ा इम्तिहान अकोला महापालिका के सामने है।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।