अकोला की राज्यस्तरीय कराटे स्पर्धा में धामणगाव के 11 खिलाड़ियों ने जीते 22 पदक
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बोधी बुडोकान कराटे असोसिएशन के विद्यार्थियों ने सातवीं राज्यस्तरीय कराटे स्पर्धा 2026 में काता और कुमिते दोनों में दमदार खेल दिखाया।
धामणगाव रेलवे की बोधी बुडोकान कराटे एसोसिएशन के विद्यार्थियों ने अकोला में हुई सातवीं राज्यस्तरीय कराटे स्पर्धा 2026 में कमाल कर दिखाया। एसोसिएशन के 11 विद्यार्थियों ने मिलकर कुल 22 पदक अपने नाम किए। काता और कुमिते, दोनों ही प्रकारों में इन खिलाड़ियों का खेल उम्दा रहा और इससे धामणगाव का नाम ऊंचा हुआ है।
अकोला में हुई इस राज्यस्तरीय स्पर्धा में महाराष्ट्र के अलग अलग जिलों से कराटे खिलाड़ी आए थे। धामणगाव तालुका की बोधी बुडोकान कराटे एसोसिएशन के विद्यार्थियों ने अपने हुनर की झलक दिखाई और सामने वाले खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर दी। उनकी मेहनत और लगातार अभ्यास का नतीजा यह रहा कि टीम 22 पदकों तक पहुंच गई।
पदक जीतने वाले कराटे खिलाड़ियों में श्रेयश लसने, नितेश्री हुमणे, संस्कृती टेकाम, श्रीयांश निघोट, नंदनी भेंडे, पृथ्वीका ढबाळे, पौर्णिमा नेवारे, रोहन खोब्रागडे, सान्वी दे, हर्षित ढबाळे और रुद्रानी मेटे शामिल हैं। इन सभी के शानदार प्रदर्शन से धामणगाव के खेल जगत में खुशी का माहौल है।
इस स्पर्धा का आयोजन दि महाराष्ट्र अमैच्योर कराटे एसोसिएशन की ओर से किया गया था। एसोसिएशन की सचिव सेन्सई डॉ. खुशबू चोपडे और अध्यक्ष सिहान अरुण सारवान की तरफ से यह आयोजन हुआ। स्पर्धा के दौरान ब्लैक बेल्ट सोनाली गुप्ता और सम्यक दहाट को उम्दा प्रदर्शन के लिए खास सम्मानचिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
बोधी बुडोकान कराटे एसोसिएशन के विद्यार्थियों को ब्लैक बेल्ट थर्ड डैन, चैंपियन और मुख्य प्रशिक्षक मास्टर सचिन मून का मार्गदर्शन मिला। उनकी सोची समझी ट्रेनिंग की वजह से विद्यार्थियों ने कराटे के अलग अलग प्रकारों में महारत हासिल की और राज्यस्तरीय स्पर्धा में बढ़िया कामयाबी पाई। विद्यार्थियों की इस सफलता के बाद मास्टर सचिन मून की भी हर तरफ तारीफ हो रही है।
आज के दौर में आत्मरक्षा की अहमियत बढ़ गई है और खासकर लड़के लड़कियों के लिए कराटे की ट्रेनिंग काम की साबित हो रही है। कराटे से शारीरिक फिटनेस, एकाग्रता, अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिलती है। मुसीबत के वक्त खुद को बचाने के लिए जरूरी हुनर भी इससे आते हैं। इसी वजह से इस कामयाबी के बाद अभिभावकों में भी कराटे ट्रेनिंग को लेकर अच्छा माहौल बना है।
इस शानदार कामयाबी का श्रेय प्रशिक्षक मास्टर सचिन मून ने भंते धम्मसार, तेलंगाना के आदिलाबाद के मुकेश कुमार कांबळे, आकाश पवार और सभी अभिभावकों को दिया और उनका आभार माना।
धामणगाव के 11 कराटे खिलाड़ियों के जीते 22 पदकों से शहर के खेल जगत में गर्व का माहौल है। सफल विद्यार्थियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों को अलग अलग स्तरों से बधाइयां मिल रही हैं। लोगों को भरोसा है कि आगे भी ये खिलाड़ी बड़ी स्पर्धाओं में कामयाबी हासिल करेंगे।
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