आयरलैंड ने 5,100 में से 3,300 भारतीय छात्रों के स्टूडेंट वीज़ा अर्ज़ी ठुकराए, वजह AI
आयरलैंड के लिए स्टूडेंट वीज़ा मांगने वाले हज़ारों भारतीय छात्रों की अर्ज़ी इसलिए रद्द हुई कि उन्होंने ChatGPT जैसे AI टूल से अर्ज़ी और SOP लिखवाई थी।
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विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक चौंकाने वाली खबर आई है। आयरलैंड के लिए स्टूडेंट वीज़ा मांगने वाले हज़ारों भारतीय छात्रों की अर्ज़ियां सिर्फ इसलिए ठुकरा दी गईं कि उन्होंने अपनी वीज़ा अर्ज़ी और पर्सनल स्टेटमेंट (SOP) लिखने के लिए ChatGPT जैसे AI टूल का सहारा लिया था। AI का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल कई छात्रों के करियर पर भारी पड़ गया।
ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक इस साल आयरलैंड में ऊंची पढ़ाई के लिए कुल 5,100 भारतीय छात्रों ने स्टूडेंट वीज़ा के लिए ऑनलाइन अर्ज़ी दी थी। आयरिश दूतावास और वहां के वीज़ा अधिकारियों ने जब इन अर्ज़ियों की बारीकी से जांच की, तो हैरान करने वाली बात सामने आई। करीब 3,300 छात्रों की अर्ज़ियां पूरी तरह खारिज कर दी गईं। यानी अर्ज़ी देने वाले लगभग 64 फीसदी भारतीय छात्रों का वीज़ा AI से लिखे मजमून की वजह से तुरंत रद्द हो गया।
अब सवाल यह है कि अधिकारियों ने यह पकड़ा कैसे। बताया गया है कि वीज़ा प्रोसेसिंग सिस्टम आजकल काफी आधुनिक और एडवांस हो गया है। विदेशी दूतावासों के पास खास तरह के 'AI डिटेक्टर' सॉफ्टवेयर और टूल हैं, जो आसानी से पकड़ लेते हैं कि कोई लेख इंसान ने अपनी सोच से लिखा है या कंप्यूटर से अपने आप बना है। जब हज़ारों छात्रों की फाइलों में एक जैसी भाषा, बनावटी शब्द और लिखने का एक ही पैटर्न दिखा, तो वीज़ा अधिकारियों को फौरन शक हुआ। दूतावास का मानना है कि AI से लिखी अर्ज़ी में छात्रों की असली भावनाएं, मौलिकता और सच्चाई गायब थी।
अब देखें कि SOP की मौलिकता इतनी अहम क्यों है। किसी भी देश का वीज़ा लेने के लिए जमा किया जाने वाला 'स्टेटमेंट ऑफ पर्पस' (SOP) अर्ज़ी का सबसे ज़रूरी दस्तावेज़ होता है। इसके ज़रिए विदेशी सरकार यह समझना चाहती है कि छात्र को ठीक उसी देश में क्यों आना है, उसकी आर्थिक हालत कैसी है और पढ़ाई पूरी होने के बाद उसके क्या इरादे हैं। वीज़ा नियमों के मुताबिक यह पत्र छात्र को अपनी भाषा में खुद लिखना पूरी तरह ज़रूरी है।
लेकिन भारतीय छात्रों ने शॉर्टकट अपनाया। खुद मेहनत करने के बजाय उन्होंने पूरी अर्ज़ी AI से तैयार करवा ली। दूतावास ने इसे गंभीर धोखाधड़ी और औपचारिकता की कमी के तौर पर देखा, सख्त रुख अपनाया और वीज़ा ठुकरा दिया।