आई तुळजाभवानी: तुळजाई के वार से असुरिका का अंत, पद्मा पर काली शक्ति का नया संकट
कलर्स मराठी की पौराणिक मालिका 'आई तुळजाभवानी' के चातुर्मास पर्व में तुळजाई और असुरिका का महासंग्राम चरम पर है।
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कलर्स मराठी की लोकप्रिय पौराणिक मालिका 'आई तुळजाभवानी' के 'चातुर्मास पर्व' वाले खास एपिसोड में कहानी अब बड़े रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। आदिशक्ति का अंश मानी जाने वाली तुळजाई ने महिषासुर और असुरिका की असुरी ताकतों को खत्म करने के लिए आक्रामक रुख अपनाया है, और दर्शकों की नजर इसी पर टिकी है। आश्विन शुद्ध दशमी के पवित्र मौके पर चल रहा यह महासंग्राम मालिका की कहानी को बेहद दिलचस्प शिखर तक ले गया है।
इस महायुद्ध में कई अहम घटनाएं सामने आई हैं। तुळजाई खुद महिषासुर की छावनी में जाकर उसे सीधी चुनौती देती है। अमरबंध के अभेद्य कवच की वजह से असुरिका पर शुरू में किए गए वार बेकार जाते हैं, और इससे असुरों की टोली का घमंड और बढ़ जाता है।
इसी हालात में असुरिका अपनी जान पर अमरबंध का अभेद्य कवच होने का अहंकार दिखाती है और कहती है कि उसका अंत मुमकिन ही नहीं है। तब तुळजाई बेहद दिव्य और रौद्र रूप में उसे सीधा जवाब देती है। वह कहती है, "मैं उस आदिशक्ति का अंश हूं, जिनकी लीला में असुरी माया का अंत है! आश्विन शुद्ध दशमी को तेरे पापों का भी अंत तय है!"
इस संवाद के दौरान तुळजाई आंखें बंद करके हाथ में दिव्य धनुष-बाण प्रकट करती है और प्रत्यंचा खींचती है। असुरिका को अमृत की बूंद पीने से लेकर ब्रह्मदेव के वरदान तक जो अमरत्व मिला है, उसे तुळजाई पूरे ब्रह्मांड की वैश्विक ऊर्जा को इकट्ठा करके बनाए गए महाऊर्जा के गोले से भेदने का फैसला करती है। यह दिव्य पल बेहद अद्भुत है।
जैसे ही तुळजाई महाशक्तिशाली बाण छोड़ती है, असुरिका की आंखें फटी रह जाती हैं। अमरबंध टूटते ही ऐसा कुछ होता है, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। असुरिका के अंत में महिषासुर की पत्नी शुंभा की बहन वंचिका भी तुळजाई का साथ देती है। शुक्राचार्य ने जो अमरबंध विधि की थी, उसे बेअसर करने की वंचिका की कोशिश रोमांचक है। कुल मिलाकर असुरी लीला पर दैवी लीला की जीत दर्शकों को एकदम अलग रोमांच देती है।
असुरिका के अंत और महिषासुर की हार के बाद तुळजापुर में जीत का जश्न मनाया जाएगा। लेकिन इसके बीच प्रारब्ध की एक रहस्यमय रचना भी सामने आती है। असुरी शक्ति के हारने के बाद भी काली शक्ति का एक अंश देवी की सखी पद्मा के शरीर में फंसा रह जाता है, जिससे पद्मा की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि इस नई चुनौती से निपटकर तुळजाई क्या कदम उठाती है। असुरी शक्ति को हमेशा के लिए रोकने के लिए वह बालरूप से अपने असली रूप में कब लौटेगी, यह जानने की उत्सुकता बनी हुई है। यह सब देखने के लिए 'आई तुळजाभवानी' रोज रात 8:50 बजे कलर्स मराठी पर और कभी भी, कहीं भी JioHotstar पर देखी जा सकती है।
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