29 अक्टूबर को वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी, जानिए पूजा का तरीका और चांद निकलने का वक्त
अक्टूबर की संकष्टी चतुर्थी गुरुवार, 29 अक्टूबर को पड़ रही है। इसे वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी कहा जाएगा।
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अक्टूबर महीने की संकष्टी चतुर्थी गुरुवार, 29 अक्टूबर को है। इस बार की चतुर्थी को वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी कहा जाएगा। संकष्टी चतुर्थी का उपवास हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन की रुकावटें दूर होती हैं और सुख-समृद्धि मिलती है।
पंचांग के मुताबिक वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी का उपवास गुरुवार, 29 अक्टूबर को रखा जाएगा। यह तारीख कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को पड़ती है। इस दिन गणपति की पूजा करने और उपवास रखने की परंपरा है। कुछ जगहों पर इसी दिन करवा चौथ भी मनाया जाएगा।
अब तिथि के वक्त की बात करें तो पंचांग के हिसाब से चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को तड़के करीब 1:06 बजे शुरू होगी और उसी दिन रात करीब 10:09 बजे खत्म होगी। कैलेंडर और गणना के तरीके के हिसाब से तारीख में थोड़ा फर्क हो सकता है। इसलिए अपने इलाके के कैलेंडर से वक्त पक्का कर लेना ठीक रहेगा।
पूजा का तरीका यह है कि वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी के दिन शाम को गणपति की पूजा की जाती है। इसके लिए घर के मंदिर में या घर की किसी साफ जगह पर गणपति की मूर्ति या तस्वीर रखें। फिर दीया जलाएं, दूर्वा और फूल चढ़ाएं और फल या मोदक का भोग लगाएं। इसके बाद गणेश मंत्र का जाप करें और उपवास की कथा पढ़ें या सुनें।
धार्मिक मान्यता के मुताबिक वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा भक्ति, ज्ञान और शांति व सुख की इच्छा से की जाती है। भक्त अपनी आस्था और परिवार की परंपरा के हिसाब से उपवास रखते हैं। उपवास रखना हर व्यक्ति की अपनी आस्था पर निर्भर करता है। साथ ही अपनी सेहत और सुविधा का ध्यान रखना भी जरूरी है।
चांद निकलने का वक्त भी जान लें। 29 अक्टूबर को चांद करीब रात 8:17 बजे निकलने की संभावना है। दूसरे शहरों में यह वक्त अलग हो सकता है। संकष्टी चतुर्थी के दिन चांद दिखने के बाद चंद्रमा की पूजा और प्रार्थना करने की परंपरा है। उपवास रखने वाले लोग अपने इलाके में चांद निकलने के वक्त के हिसाब से यह विधि कर सकते हैं।
धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई जैसे विषयों की ये जानकारियां सिर्फ पाठकों की जानकारी के लिए हैं। इनसे जुड़ा कोई भी प्रयोग करने से पहले जानकार की सलाह लेना जरूरी है।
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