सिडको के नोड में हफ्ते में 24 घंटे पानी बंद, 2 नवंबर से 15 फीसदी कटौती
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सिडको ने संभावित पानी की किल्लत को देखते हुए अपने क्षेत्र में 15 फीसदी पानी कटौती लागू की है। हर नोड में हफ्ते में एक बार 24 घंटे सप्लाई बंद रहेगी।
संभावित पानी की किल्लत से निपटने के लिए सिडको प्रशासन (CIDCO) ने अपने कार्यक्षेत्र में 15 फीसदी पानी कटौती लागू कर दी है। इस फैसले पर 2 नवंबर 2026 से अमल शुरू हो चुका है। इसके तहत हर नोड में हफ्ते में एक बार 24 घंटे पानी की सप्लाई बंद रखी जाएगी।
यह कटौती अगले आदेश तक जारी रहेगी। यानी खारघर, उलवे, तलोजा, नवीन पनवेल, कलंबोली, कामोठे, करंजाडे और द्रोणागिरी समेत सिडको क्षेत्र के लोगों को अब पानी सोच समझकर खर्च करना होगा।
इस फैसले की पृष्ठभूमि भी सिडको ने बताई है। पिछले साल अल-निनो के असर से राज्य में बारिश कम दर्ज हुई थी और अधूरी बारिश की वजह से कई इलाकों में पानी की किल्लत के हालात बन गए थे। इस बार भी अल-निनो का असर पड़ने की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने 5 अक्टूबर को सरकारी निर्णय जारी किया। उसमें 31 अगस्त 2027 तक मौजूद जल भंडारों का सख्त नियोजन करने और प्राथमिकता के आधार पर उनका प्रबंधन करने की हिदायत दी गई है। इसी निर्णय को ध्यान में रखकर सिडको ने पानी का इस्तेमाल काबू में रखने के लिए 15 फीसदी कटौती का फैसला लिया और नोड के हिसाब से सप्लाई बंद रखने का शेड्यूल तय किया।
सिडको के जारी शेड्यूल के मुताबिक एक दिन सप्लाई बंद रहने वाले नोड और इलाके इस तरह हैं। सोमवार को खारघर और नवीन पनवेल (पूर्व) में पानी बंद रहेगा। मंगलवार को उलवे के सेक्टर 2, 3, 5, 6, 19, 20, 22, 23, 24, 25, 25-अ, गव्हाण, कोपर, मोरावे और नवीन पनवेल (पश्चिम) में सप्लाई बंद रहेगी। बुधवार को कलंबोली, गुरुवार को करंजाडे और शुक्रवार को तलोजा, कळुंद्रे और कामोठे में पानी बंद रहेगा।
इनके अलावा शेड्यूल में "शेड्यूल के मुताबिक एक दिन छोड़कर" वाली श्रेणी भी है। इसमें उलवे के कुछ सेक्टर, शेलघर, बामणडोंगरी, न्हावा, शिवाजीनगर, न्हावा खाडी और द्रोणागिरी के बताए गए सेक्टर व गांवों का इलाका शामिल है।
सिडको प्रशासन ने अपील की है कि कटौती के दौरान पीने के पानी का इस्तेमाल सिर्फ जरूरत भर किया जाए। गाड़ियां धोने के लिए पीने का पानी इस्तेमाल करते हुए कोई मिला तो उस पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। घरों और सोसायटी की पानी की टंकियां भरकर बहने न पाएं, इसका ध्यान रखना होगा। नल या पाइपलाइन से लीकेज हो तो उसे फौरन ठीक कराना चाहिए और जरूरत न हो तब नल खुले नहीं छोड़ने चाहिए। जमा किया हुआ पानी सिर्फ यह सोचकर नहीं फेंकना चाहिए कि वह बासी हो गया है। शहर के स्विमिंग पूल के लिए भी पीने के पानी का इस्तेमाल न करने के निर्देश दिए गए हैं।
सिडको का कहना है कि संभावित किल्लत से बचने के लिए मौजूद जल भंडारों का सही प्रबंधन जरूरी है। इसलिए सिडको क्षेत्र के लोग पानी की अहमियत समझें और किफायत से इस्तेमाल करें। पानी का लीकेज रोकने और बर्बादी टालने में लोग प्रशासन का साथ दें, यह अपील सिडको की ओर से की गई है।
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