रियाद एयर ने रद्द की फ्लाइट, उमरा के लिए निकले पुणे के परिवार को देने पड़े करीब 3 लाख रुपये ज्यादा
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पुणे के कारोबारी सलीम जाफरानी को रियाद एयर की फ्लाइट रद्द होने पर सऊदिया का सीधा टिकट लेना पड़ा, 11 दिन के सफर पर करीब 3 लाख रुपये ज्यादा लगे।
पुणे के कारोबारी सलीम जाफरानी अपने परिवार के आठ लोगों के साथ रविवार सुबह उमरा के लिए सऊदी एयरलाइंस की फ्लाइट से जेद्दा रवाना हुए। लेकिन यहाँ तक पहुँचने में उन्हें काफी मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी और अच्छा-खासा आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।
इस्लाम के सबसे पाक शहरों मक्का और मदीना जाने की खुशी के बीच जाफरानी परिवार को पश्चिम एशिया की जंग का झटका लगा। उनकी रियाद एयर की मुंबई से रियाद होते हुए जेद्दा जाने वाली फ्लाइट रद्द हो गई। वजह बताई गई यमन के हूती मिलिशिया के सऊदी राजधानी पर जारी हमले।
सैलिसबरी पार्क के रहने वाले जाफरानी ने शनिवार रात बताया, "हमने रियाद एयर के टिकट करीब 25 दिन पहले बुक किए थे। फिर एयरलाइन ने अचानक बताया कि 4 नवंबर की मुंबई-रियाद-जेद्दा फ्लाइट कैंसल हो गई है।"
उन्होंने आगे कहा, "रियाद एयर ने अक्टूबर के आखिर में फ्लाइट रद्द होने की खबर दी। 4 नवंबर की फ्लाइट में सीटें नहीं थीं, इसलिए हम सऊदी एयरलाइंस के पास गए और 2 नवंबर की मुंबई से सीधे जेद्दा वाली फ्लाइट के टिकट लिए। सऊदिया के टिकट के लिए हमें काफी ज्यादा पैसे देने पड़े। होटल का खर्च भी बढ़ा, क्योंकि हम जेद्दा से मक्का अपनी तय तारीख से दो दिन पहले पहुँचेंगे।"
नुकसान कितना हुआ, यह पूछने पर जाफरानी ने कहा, "इस 11 दिन के सफर के लिए मुझे करीब 3 लाख रुपये ज्यादा देने पड़े। पहले का प्लान 14 दिन का था। असली टिकट 32,000 से 33,000 रुपये का था, पर नया टिकट मुझे हर आदमी के लिए करीब 60,000 रुपये में खरीदना पड़ा। अच्छा-खासा नुकसान हुआ और पूरे मामले से बहुत टेंशन रही। रियाद एयर ने हर टिकट पर सिर्फ 30,000 रुपये वापस किए।"
इतना ज्यादा खर्च करने का अफसोस है या नहीं, इस पर जाफरानी बोले, "बिल्कुल अफसोस नहीं है। मुझे खुशी है कि हम उमरा के लिए जा पा रहे हैं। लेकिन जिनका बजट कम है, उन्हें शायद अपना उमरा का प्लान छोड़ना पड़ रहा होगा। मुझे उनके लिए बुरा लगता है। उम्मीद है कि यह जंग जल्दी खत्म होगी।"
जाफरानी के बेटे एडवोकेट उजैर जाफरानी ने रविवार को बताया कि सलीम जाफरानी, उनकी पत्नी फातेमा, दो बेटियाँ, एक दामाद और चार नाती-पोते दोपहर में जेद्दा पहुँच गए।
रियाद एयर की तरफ से आए मैसेज में लिखा था कि आपकी फ्लाइट रद्द हो गई है। एयरलाइन ने सफर में आई इस रुकावट के लिए खेद जताया और कहा कि आने वाली फ्लाइट उसके काबू से बाहर की वजहों से कैंसल हुई है।
उमरा को अक्सर छोटा हज कहा जाता है। यह मुसलमानों की इबादत का एक तरीका है, जिसमें लोग मक्का जाते हैं, जहाँ काबा इस्लामी आस्था का केंद्र और इबादत की दिशा है, और वहाँ कुछ पाक रस्में अदा करते हैं। यह हर मुसलमान के दिल में बड़ी अहमियत रखने वाला मुकद्दस सफर है और पैगंबर की प्यारी सुन्नत है। इसमें ईमान ताजा करने और रूह को पाक करने का मौका मिलता है। जायरीन माफी माँगते हैं, सच्चे दिल से दुआ करते हैं और अल्लाह से करीबी चाहते हैं।
उमरा के दौरान जायरीन मदीना में पैगंबर की मस्जिद और उनकी कब्र पर भी जाते हैं। वहाँ सलाम पेश करने के साथ वे कई दिनों तक नमाज पढ़ते हैं, ताकि रूहानी सवाब ज्यादा मिले। इस सफर में मक्का और मदीना और उनके आसपास की धार्मिक अहमियत वाली जगहों की सैर भी शामिल होती है।
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