पीएम का दौरा टला, हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो का उद्घाटन फिर अटका, 100 दिन से खाली दौड़ रही
सभी मंजूरियां मिलने के बावजूद हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो 100 दिन से बिना यात्रियों के चल रही है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पुणे, 24 अक्टूबर 2026: हिंजवडी से शिवाजीनगर तक की मेट्रो में बैठने का इंतज़ार एक बार फिर लंबा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 3 नवंबर को तय बारामती दौरा आगे खिसक गया है, हालांकि इसकी पुष्टि अब तक आधिकारिक तौर पर नहीं हुई है और बात सूत्रों के हवाले से ही सामने आई है। मेट्रो के उद्घाटन की उम्मीद इसी दौरे से जुड़ी थी, इसलिए अब नई तारीख तलाशनी पड़ेगी।
हालत यह है कि करीब 100 दिन से इस रूट पर मेट्रो बिना किसी यात्री के चल रही है। तीन महीने से ज़्यादा वक्त से सिर्फ ट्रायल फेरे हो रहे हैं। रोज़ 10 से ज़्यादा ट्रायल रन किए जा रहे हैं, ताकि ट्रेनों की टाइमिंग, हर स्टेशन पर रुकने का वक्त और पूरे सफर में लगने वाला समय परखा जा सके। दूसरी तरफ हिंजवडी की सड़कों पर रोज़ भारी जाम लगता है और आईटी कर्मचारी गुस्से में पूछ रहे हैं कि राहत के लिए और कितना इंतज़ार करें।
यह 23.2 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत बना है और हिंजवडी के आईटी हब को शिवाजीनगर से जोड़ेगा। सभी 17 स्टेशनों का काम पूरा है और उन्हें सुरक्षा आयुक्त से यात्री सेवा की हरी झंडी भी मिल चुकी है। बताया जा रहा है कि 20 मेट्रो कोच और लगभग 90 ट्रेन ऑपरेटर सेवा के लिए तैयार खड़े हैं। यानी तकनीकी तैयारी में अब कोई अड़चन नहीं बची है।
प्रशासन की योजना थी कि नवंबर के पहले हफ्ते में प्रधानमंत्री के दौरे के वक्त ही इस प्रोजेक्ट का लोकार्पण कर दिया जाए। सोच यह थी कि ऐन दिवाली के बाद आईटी वालों और पुणे के आम लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी। प्रशासनिक और पुलिस सूत्रों के मुताबिक दौरा आगे बढ़ने से नवंबर की शुरुआत वाली यह मियाद भी हाथ से निकल गई। न तो प्रधानमंत्री के नए कार्यक्रम का कोई आधिकारिक ऐलान हुआ है, न मेट्रो के उद्घाटन की तारीख का।
इस प्रोजेक्ट में देरी कोई नई बात नहीं है। मूल योजना के हिसाब से यह मार्ग पिछले साल की शुरुआत में चालू हो जाना था, मगर काम बार-बार अटकता रहा और मार्च 2026 की डेडलाइन भी निकल गई। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने दखल देकर पहले 12 किलोमीटर का हिस्सा पूरा करने को कहा था। पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) और पुणे आईटी सिटी मेट्रो ने पहले चरण के 12 स्टेशनों का काम निपटाकर उनकी जांच भी करा ली। फिर यात्रियों की सहूलियत देखते हुए तय हुआ कि मेट्रो सीधे शिवाजीनगर ज़िला कोर्ट तक चलेगी और बाकी पांच स्टेशनों की मंजूरी भी ले ली गई। सेवा शुरू होने ही वाली थी कि विधान परिषद चुनाव की आचारसंहिता लग गई और उद्घाटन फिर पटरी से उतर गया।
राज्य सरकार ने काम वक्त पर निपटाने के लिए पीएमआरडीए और डेवलपर कंपनी पर लगातार दबाव बनाए रखा। अब जब सारी तकनीकी और सुरक्षा मंजूरियां मिल चुकी हैं, तब सिर्फ औपचारिक उद्घाटन की ज़िद की वजह से लाखों लोगों को सेवा से दूर रखे जाने का आरोप लग रहा है। ट्रैफिक विशेषज्ञ और आम लोग कहते हैं कि जो रूट तैयार है, उस पर यात्री सेवा फौरन शुरू हो सकती थी और वीआईपी के वक्त के हिसाब से समारोह बाद में भी किया जा सकता था। उम्मीद अब भी यही है कि मेट्रो चालू होते ही हिंजवडी और शिवाजीनगर के बीच आने-जाने वालों का सफर काफी छोटा होगा और इस व्यस्त रूट की भीड़ घटेगी, पर चालू होगी कब, यह सवाल फिलहाल जस का तस है।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।