मुखई के 228 नए वोटरों को 70 किलोमीटर दूर घोडेगाव बुलाया, गांव वाले नाराज
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शिरूर तालुका के मुखई गांव के नए वोटरों को कागजात की जांच के लिए आंबेगाव तालुका के घोडेगाव बुलाया गया है। ग्रामीणों ने गांव में ही कैंप लगाने की मांग की है।
शिक्रापुर: शिरूर तालुका के मुखई गांव में हाल ही में जिन लोगों ने वोटर के तौर पर नाम दर्ज कराया है, उनमें से 228 ग्रामीणों को कागजात की जांच के लिए नोटिस थमाया गया है। नोटिस में उन्हें सोमवार, 2 नवंबर को आंबेगाव तालुका के घोडेगाव में हाजिर होने को कहा गया है। मुखई से घोडेगाव की दूरी पूरे 70 किलोमीटर है।
ग्रामीणों का कहना है कि आंबेगाव तालुका उनके कार्यक्षेत्र में आता ही नहीं है। ऊपर से घोडेगाव गांव से भी काफी दूर पड़ता है, इसलिए वहां तक जाना उनके लिए बड़ी परेशानी है। इसी बात पर उन्होंने सख्त ऐतराज जताया है।
नाराज ग्रामीणों ने सीधे जिलाधिकारी और चुनाव आयोग को ई-मेल भेजकर शिकायत की है। उनकी मांग है कि कागजात की जांच के लिए कैंप मुखई गांव में ही लगाया जाए।
ग्रामीणों के मुताबिक मुखई शिरूर तालुका का गांव है और यहां के लोगों के लिए कागजात की जांच शिरूर में कराना कहीं ज्यादा आसान रहेगा। गांव में नए वोटरों की गिनती भी बड़ी है, इसलिए यहीं कैंप लगना चाहिए। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो इन नोटिसों पर उनका सीधा ऐतराज और आपत्ति दर्ज रहेगी। यह शिकायत सरपंच रमेश पलांडे, पूर्व सरपंच अतुल धुमाळ, संयोगिता पलांडे और सचिन पलांडे ने जिलाधिकारी और चुनाव आयोग से की है।
उपविभागीय अधिकारी अर्चना तांबे ने कहा कि प्रशासन की सोच यही रहती है कि नए वोटरों या आम लोगों को कोई तकलीफ न हो। मुखई के इतने सारे वोटरों के कागजात की जांच जहां तक हो सके किसी सुविधाजनक जगह पर कैसे हो, इस बारे में तहसीलदार को सही सूचना दी जाएगी। उसके हिसाब से वे मुनासिब फैसला लेंगे।
आंबेगाव के तहसीलदार राहुल सारंग ने बताया कि मुखई के 228 नए वोटरों को परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन की कोशिश चल रही है। प्रशासनिक तंत्र के जरिए यह टटोला जा रहा है कि कागजात की जांच का कैंप मुखई गांव में ही लग सकता है या नहीं।
आंबेगाव के नायब तहसीलदार सचिन वाघ ने कहा कि मुखई ग्रामीणों की शिकायतें प्रशासन तक पहुंच गई हैं। उपविभागीय अधिकारी अर्चना तांबे और तहसीलदार से बात करके सही फैसला लिया जाएगा। उनके मुताबिक किसी को तंग करना प्रशासन की मंशा नहीं है। वोटर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के तहत कागजात की जांच हो रही है और इस मामले में भी उचित रुख अपनाकर जांच की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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