पुणे में त्योहारी सीजन में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन 62 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा
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पुणे में इस साल त्योहारी दिनों में 2,420 इलेक्ट्रिक गाड़ियां रजिस्टर हुईं, पिछले साल इसी तरह के दस दिनों में 1,490 हुई थीं। नए रजिस्ट्रेशन में इलेक्ट्रिक का हिस्सा 17.4 प्रतिशत हो गया।
पुणे में इस साल त्योहारी सीजन के दौरान इलेक्ट्रिक गाड़ियों (ईवी) के रजिस्ट्रेशन में 62 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया है। इससे साफ है कि लोग अब बिजली से चलने वाली गाड़ियों को ज्यादा पसंद करने लगे हैं।
27 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 के बीच शहर में कुल 2,420 इलेक्ट्रिक गाड़ियां रजिस्टर हुईं। इसके मुकाबले पिछले साल 9 से 18 अक्टूबर 2025 के दस दिनों में 1,490 रजिस्ट्रेशन हुए थे।
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल इसी त्योहारी दौर में नई गाड़ियों के कुल रजिस्ट्रेशन में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी करीब 9 प्रतिशत थी। इस साल यह हिस्सेदारी बढ़कर 17.4 प्रतिशत हो गई है, यानी एक साल में लगभग दोगुनी। अब पुणे में रजिस्टर होने वाली हर छह नई गाड़ियों में से एक से ज्यादा इलेक्ट्रिक है।
यह रुझान दोपहिया गाड़ियों में सबसे ज्यादा दिख रहा है, जिनका ईवी रजिस्ट्रेशन में सबसे बड़ा हिस्सा है। इलेक्ट्रिक दोपहिया का रजिस्ट्रेशन पिछले साल के 1,089 से बढ़कर इस साल 1,899 हो गया, यानी करीब 74 प्रतिशत की बढ़ोतरी। कुल दोपहिया रजिस्ट्रेशन में इनकी हिस्सेदारी 10.7 प्रतिशत से बढ़कर 20.5 प्रतिशत हो गई। मतलब नई रजिस्टर होने वाली हर पांच दोपहिया में से एक अब इलेक्ट्रिक है। इस अवधि में हुए सभी ईवी रजिस्ट्रेशन में करीब 78 प्रतिशत हिस्सा दोपहिया का रहा।
इलेक्ट्रिक कारों के रजिस्ट्रेशन भी बढ़े हैं। पिछले साल इनकी संख्या 350 थी, जो इस साल 429 हो गई, यानी करीब 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी। कुल कार रजिस्ट्रेशन में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी इसी दौरान 8.3 प्रतिशत से बढ़कर 13.2 प्रतिशत हो गई।
रजिस्ट्रेशन के आंकड़े बताते हैं कि बिजली से चलने वाली गाड़ियों को अपनाने का चलन अलग-अलग तरह की गाड़ियों में बढ़ रहा है। यह निजी गाड़ियों तक सीमित नहीं है, सवारी और माल ढुलाई की गाड़ियों में भी दिख रहा है। ईंधन की बढ़ती कीमतें और पर्यावरण के अनुकूल साधनों को लेकर बढ़ती जागरूकता खरीदारों को पेट्रोल और डीजल की गाड़ियों की जगह इलेक्ट्रिक पर सोचने के लिए प्रेरित करती दिख रही है।
त्योहारी सीजन के ये आंकड़े पुणे में लोगों की पसंद में धीरे-धीरे आ रहे बदलाव की ओर इशारा करते हैं। चार्जिंग का ढांचा और बढ़ता है और चार्जिंग की सुविधा तक पहुंच आसान होती है, तो आने वाले सालों में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपनाने की रफ्तार और तेज हो सकती है।
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