पिंपले गुरव में कटे पैर मिले, सिम कार्ड से पहचान हुई, विष्णु कुंभार गिरफ्तार
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पिंपले गुरव के कचरे में मिले दो पैरों की गुत्थी सांगवी पुलिस ने एक सिम कार्ड के सहारे सुलझाई। मृतक अनिल खाडे (50) की पहचान हुई और विष्णु कुंभार उर्फ पिंट्या को गिरफ्तार किया गया है।
पिंपले गुरव में कचरे के ढेर से मिले दो कटे पैरों का मामला सांगवी पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस के मुताबिक एक फेंके हुए सिम कार्ड से मृतक की पहचान हुई। मृतक का नाम अनिल खाडे है और उनकी उम्र 50 साल थी। इस सिलसिले में पुलिस ने विष्णु कुंभार को गिरफ्तार किया है, जिसे पिंट्या के नाम से भी जाना जाता है।
मामला शुक्रवार, 6 नवंबर को सुबह करीब 11 बजे सामने आया। पिंपले गुरव के श्रीनगर में गली नंबर 3 के पास सड़क किनारे का कचरा उठा रहे नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को एक प्लास्टिक की बोरी में दो इंसानी पैर दिखे। यह जगह काटेपुरम चौक और रामकृष्ण मंगल कार्यालय को जोड़ने वाली सड़क पर है।
इसके बाद 112 हेल्पलाइन पर फोन किया गया। सांगवी पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में लगा कि दोनों पैर घुटनों के नीचे से कटे हुए हैं और किसी आदमी के हैं। पुलिस ने आसपास के इलाके में बाकी अंगों की तलाश की और डॉग स्क्वाड भी बुलाया, लेकिन वहां और कोई सबूत नहीं मिला।
बोरी की बारीकी से जांच में पुलिस को एक सिम कार्ड होल्डर मिला, जिस पर मोबाइल नंबर छपा था। पुलिस ने उस नंबर के रजिस्टर्ड मालिक से संपर्क किया। वह एक ठेकेदार निकला। उसने बताया कि यह सिम कार्ड उसने अपने एक मजदूर अनिल खाडे को दिया था।
फिर पुलिस ने खाडे का पता लगाना शुरू किया। उनकी पत्नी और बेटे से बात की गई, पर वे पैरों को देखकर तुरंत पहचान नहीं सके। जांच में पता चला कि खाडे करीब दो साल से परिवार के साथ नहीं रह रहे थे और अक्सर एक जगह से दूसरी जगह घूमते रहते थे।
बेटे के फोन में एक फोटो मिली, जिसमें खाडे नशे की हालत में लेटे हुए थे और उनके पैर साफ दिख रहे थे। पुलिस ने इस फोटो का मिलान बरामद पैरों से किया और दोनों में काफी समानता पाई। इससे जांच की दिशा तय करने में मदद मिली।
खाडे के जानने वालों से पूछताछ हुई तो पुलिस विष्णु कुंभार तक पहुंची। बताया गया है कि वह पिंट्या के नाम से जाना जाता है और खाडे उसके साथ अक्सर वक्त बिताते थे। पुलिस की एक टीम ने नवी सांगवी के विनायक नगर में कुंभार का घर ढूंढ निकाला।
बताया जाता है कि अफसरों को घर से तेज बदबू आ रही थी। खिड़की की दरार से झांकने पर उन्हें शक हुआ कि अंदर कोई लाश पड़ी है। ताला लगे घर में दाखिल होने पर पुलिस को खाडे का धड़ मिला, जो घर में छिपाकर रखा गया था। उसके दोनों पैर गायब थे।
पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक खाडे के सिर पर गंभीर चोट थी। जांच करने वालों को शक है कि उन पर हंसिया जैसे धारदार हथियार और लोहे की रॉड से हमला किया गया और उसके बाद शरीर के टुकड़े किए गए। आरोप है कि पैर काटकर अलग से श्रीनगर के कचरे में फेंक दिए गए।
पुलिस का शक है कि खाडे और कुंभार साथ बैठकर शराब पी रहे थे, तभी उनके बीच झगड़ा हुआ और कथित तौर पर उसी में जानलेवा हमला हो गया। बताया जाता है कि दोनों को शराब की आदत थी। पुलिस घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है और हालात का पूरा पता लगाने के लिए और सबूत इकट्ठा कर रही है।
सांगवी पुलिस इस हत्या और शरीर के अंगों को अलग-अलग जगह ठिकाने लगाने के मामले की जांच जारी रखे हुए है।
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