पैसे जमा करने के बाद भी HPCL ने रोके लोड, पुणे के पेट्रोल डीलर दिवाली पर परेशान
पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन पुणे का कहना है कि SBI के जरिए भुगतान और लेन-देन के सबूत देने के बाद भी कई HPCL डीलरों का माल रोका गया है।
पुणे, 7 नवंबर 2026: पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन पुणे (PDAP) ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के कई डीलरों के पेट्रोलियम उत्पादों के लोड रोके जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि इन डीलरों ने SBI eDFS और SBI बैंकिंग पोर्टल के जरिए पैसे जमा कर दिए थे और संबंधित अधिकारियों को लेन-देन के वैध सबूत भी सौंप दिए थे। इसके बावजूद उनका माल रोक दिया गया है।
एसोसिएशन के मुताबिक इस दिक्कत की जड़ यह है कि डीलरों का भुगतान HPCL के खातों में दिख ही नहीं रहा। इसकी वजह बैंकिंग में देरी या भुगतान के मिलान यानी पेमेंट रिकंसिलिएशन की अंदरूनी समस्या बताई गई है। PDAP का कहना है कि जिन डीलरों ने अधिकृत बैंकिंग चैनल से पैसे दे दिए हैं, उन्हें ऐसी तकनीकी गड़बड़ी का जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता और उनकी ईंधन सप्लाई भी नहीं रोकी जा सकती।
दिवाली के मौके पर यह मामला और गंभीर हो गया है। इन दिनों ईंधन की मांग ज्यादा रहती है और कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म होने का खतरा खड़ा हो गया है। ऐसा हुआ तो आम ग्राहकों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन पुणे के अध्यक्ष ध्रुव रूपारेल ने कहा, "यह मंजूर नहीं है कि अधिकृत बैंकिंग चैनल से भुगतान कर चुके डीलरों को तकनीकी रिकंसिलिएशन की दिक्कत की वजह से माल देने से मना किया जाए। जब जांचे जा सकने वाले लेन-देन के सबूत दे दिए गए हैं, तो HPCL को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए और बिना देरी लोड जारी करने चाहिए। कंपनी के अंदरूनी सिस्टम या बैंक की देरी का खामियाजा डीलर क्यों भुगतें, खासकर एक बड़े त्योहार के वक्त। इससे डीलरों में काफी बेचैनी है और इसका फौरन हल निकलना जरूरी है।"
PDAP ने यह मामला HPCL के चेयरमैन, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) और केंद्रीय नागरिक उड्डयन व सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल के सामने रखा है। एसोसिएशन ने मांग की है कि SBI भुगतान के सत्यापित सबूतों के आधार पर सभी पात्र लोड तुरंत जारी कराए जाएं।
एसोसिएशन ने यह मांग भी की है कि पुणे के डिपो रविवार को चालू रखे जाएं, ताकि लंबित इंडेंट निपटाए जा सकें और पेट्रोल पंपों पर आगे ईंधन की किल्लत न हो।
PDAP ने कहा कि सप्लाई में टाली जा सकने वाली रुकावटों से डीलरों की साख पर बुरा असर पड़ सकता है और ग्राहकों का भरोसा भी कमजोर हो सकता है। एसोसिएशन का कहना है कि तेल विपणन कंपनी और बैंकिंग संस्थाओं के बीच भुगतान के मिलान की अंदरूनी दिक्कतों की वजह से ग्राहकों को ईंधन की कमी का सामना नहीं करना चाहिए।
एसोसिएशन ने कहा, "किया गया भुगतान माना जाना चाहिए। तकनीकी देरी की वजह से ईंधन की कमी नहीं होनी चाहिए।"
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