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क्रिप्टो निवेश में 14.7 करोड़ की कथित ठगी, बंड गार्डन पुलिस ने 23 लोगों पर केस दर्ज किया

क्रिप्टो निवेश में 14.7 करोड़ की कथित ठगी, बंड गार्डन पुलिस ने 23 लोगों पर केस दर्ज किया तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

पुणे की बंड गार्डन पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए कम से कम 22 निवेशकों से 14.7 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में 23 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

पुणे, 31 अक्टूबर 2026: बंड गार्डन पुलिस ने एक क्रिप्टोकरेंसी निवेश प्लेटफॉर्म के मामले में 23 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इन पर कम से कम 22 निवेशकों से कुल 14.7 करोड़ रुपये की कथित ठगी का आरोप है। पुलिस को शक है कि देश भर में करीब 750 लोग इस तरह ठगे गए हो सकते हैं और कई राज्यों से ऐसे मामले सामने आए हैं।

यह केस इंदापुर तालुका के शेटफळ गढ़े गांव के रहने वाले 25 साल के एक किसान की शिकायत पर दर्ज हुआ। किसान का आरोप है कि उन्होंने और उनके परिवार ने इस प्लेटफॉर्म में 22.7 लाख रुपये लगाए थे। उनकी शिकायत के बाद 21 और निवेशक पुलिस के पास पहुंचे और उन्होंने भी कहा कि उनके साथ ठगी हुई है।

आरोपियों में प्लेटफॉर्म का फाउंडर, प्रमोटर और उनके साथी शामिल हैं। इन पर महाराष्ट्र प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स (इन फाइनेंशियल एस्टैब्लिशमेंट्स) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा कर रही है।

शिकायत के मुताबिक किसान को अगस्त 2023 में उनके एक दोस्त ने इस प्लेटफॉर्म के बारे में बताया था। इसके बाद वे बाणेर के एक होटल में हुए निवेश सेमिनार में गए। आरोप है कि प्रमोटरों ने निवेशकों को हर महीने कम से कम 6 प्रतिशत के गारंटीड रिटर्न का भरोसा दिया था। यह रकम हर महीने की छह तारीख को उनके बैंक खाते में आनी थी।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच किसान ने आरोपियों को कुल 22.7 लाख रुपये दिए। इसमें से 5.5 लाख रुपये नकद थे और बाकी रकम RTGS से भेजी गई। दूसरे निवेशकों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने भी नकद या बैंक ट्रांसफर से पैसे लगाए थे, लेकिन प्लेटफॉर्म ने निवेश का कोई सबूत उन्हें कभी नहीं दिया।

कथित धोखाधड़ी का मामला तब सामने आया जब फरवरी 2025 में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने इस प्लेटफॉर्म की जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि इसके बाद प्रमोटरों ने निवेशकों को दूसरे प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर दिया और जनवरी से मार्च 2025 के बीच उनके पैसे लौटाने का वादा किया। बाद में उन्होंने जवाब देना ही बंद कर दिया।

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