पुणे: क्रिप्टो निवेश में 14.71 करोड़ की कथित ठगी, दुबई के कथित सरगना समेत 23 से ज्यादा पर केस
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बंड गार्डन पुलिस ने फर्जी कंपनियों और ऑनलाइन क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म के जरिए ज्यादा मुनाफे का लालच देकर निवेशकों से कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जांच अब आर्थिक अपराध शाखा के पास है।
बंड गार्डन, 30 अक्टूबर 2026: पुणे में 14.71 करोड़ रुपये की निवेश धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी कंपनियों और ऑनलाइन क्रिप्टोकरेंसी निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए ज्यादा मुनाफे का वादा करके 20 से ज्यादा निवेशकों को ठगा गया। यह कथित ठगी 'Boat Bro' और 'Mine Crypto' समेत कई प्लेटफॉर्म के जरिए की गई।
बंड गार्डन पुलिस ने इस मामले में 23 से ज्यादा लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें दुबई में रहने वाला कथित सरगना और पुणे व सतारा में चल रही अलग-अलग कंपनियों के डायरेक्टर शामिल हैं।
शिकायत इंदापुर तालुका के शेटफल गढ़े के रहने वाले प्रतीक भोसले (25) ने दी है। मुख्य आरोपी की पहचान लविश चौधरी उर्फ नवाब अली के रूप में हुई है। वह दुबई के अल बरशा का रहने वाला है और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का है।
पुलिस के मुताबिक यह कथित धोखाधड़ी 11 फरवरी 2023 से 31 मार्च 2026 के बीच हुई। आरोप है कि आरोपियों ने संभावित निवेशकों के लिए पुणे रेलवे स्टेशन के सामने एक होटल में और बाणेर में ऑर्किड होटल के पास मीटिंग रखीं। इन मीटिंग में उन्होंने कम समय में अच्छे रिटर्न का वादा करने वाली निवेश स्कीमों का प्रचार किया।
आरोप है कि आरोपियों ने अच्छे मुनाफे का भरोसा देकर भोसले और उनके माता-पिता से 'Boat Bro' कंपनी में 22.70 लाख रुपये का निवेश करवाया। इसके अलावा 21 और निवेशकों का भरोसा जीतकर उनसे भी करोड़ों रुपये लगवाए गए।
जांच करने वालों का कहना है कि आरोपियों ने शेल कंपनियों के बैंक खातों में RTGS, NEFT, कैश और USDT क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर के जरिए पैसा लिया। लेकिन वादे के मुताबिक निवेश की अवधि खत्म होने के बाद भी निवेशकों को उनका रिटर्न नहीं मिला, ऐसा आरोप है।
इस कथित ठगी में कुल 14.71 करोड़ रुपये की रकम शामिल होने का अनुमान है। पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क के जरिए और भी निवेशक ठगे गए हो सकते हैं।
मामले का दायरा बड़ा होने की वजह से इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंप दी गई है।
पुलिस उपायुक्त विवेक मसाल ने उन निवेशकों से अपील की है जो इस मामले में ठगे गए हो सकते हैं। उनसे कहा गया है कि वे पुणे पुलिस कमिश्नरेट की आर्थिक अपराध शाखा से संपर्क करें।
मामले की आगे की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक दिनेशकुमार पाटिल कर रहे हैं।
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