शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

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45,785 रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप, पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के चीफ इंजीनियर ACB की गिरफ्त में

45,785 रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप, पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के चीफ इंजीनियर ACB की गिरफ्त में तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

एंटी करप्शन ब्यूरो ने पानी सप्लाई विभाग के चीफ इंजीनियर प्रमोद सुधाकर ओंबासे को 45,785 रुपये की कथित रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार किया है।

पुणे: पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (PCMC) के चीफ इंजीनियर प्रमोद सुधाकर ओंबासे को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। उनकी उम्र 57 साल है और वे निगम के पानी सप्लाई विभाग में तैनात थे। गुरुवार, 29 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 बजे ब्यूरो की टीम ने उन्हें हिरासत में लिया। ब्यूरो का कहना है कि उन्होंने एक ठेकेदार के पांच कामों के एग्रीमेंट पर दस्तखत करने के बदले पैसे मांगे। इन पांचों कामों की कुल कीमत 91.57 लाख रुपये, यानी 91,57,068 रुपये है।

शिकायत के मुताबिक ठेकेदार को पानी सप्लाई के नेटवर्क की देखभाल और मरम्मत के काम मिले थे, जिनमें नई पाइपलाइन डालना भी शामिल है। कुल पांच टेंडर थे। नियम है कि वर्क ऑर्डर हाथ में आने से पहले ठेकेदार निगम के साथ एग्रीमेंट करे, और उस एग्रीमेंट पर पानी सप्लाई विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और चीफ इंजीनियर, दोनों के दस्तखत लगते हैं। ठेकेदार का कहना है कि उसने एग्रीमेंट बनवा लिए, अपनी कंपनियों की तरफ से सारे दस्तखत भी करवा लिए और फाइलें मंजूरी के लिए PCMC में जमा कर दीं। फिर भी फाइलें आगे नहीं बढ़ीं।

ACB के दस्तावेज के अनुसार सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर अजय सूर्यवंशी ने पहले ठेकेदार से 45,785 रुपये मांगे, जो पूरे टेंडर की कीमत का 0.5 प्रतिशत बैठता है। ठेकेदार ने जवाब दिया कि काम पूरा होने के बाद इस पर बात कर लेंगे। आरोप है कि इसके बाद सूर्यवंशी ने पांच में से तीन फाइलों पर दस्तखत करके उन्हें चीफ इंजीनियर के पास भेज दिया। ब्यूरो ने यह भी बताया है कि चीफ इंजीनियर की तरफ से यह कथित मांग एक एक्ज़ीक्यूटिव इंजीनियर के ज़रिए पहुंचाई गई थी। इस बारे में दोनों जगह की जानकारी अलग-अलग ढंग से आई है, इसलिए यह साफ नहीं है कि बीच में कौन सा अफसर था।

जब फाइलें बहुत दिन तक अटकी रहीं तो ठेकेदार 29 मई 2026 को ओंबासे से मिलने गया। ACB का कहना है कि उस मुलाकात में चीफ इंजीनियर ने भी एग्रीमेंट पर दस्तखत के बदले 45,785 रुपये मांगे, यानी पांचों टेंडर की कुल कीमत का 0.5 प्रतिशत। उस वक्त 38 लाख रुपये के तीन टेंडर की फाइलें उन्हीं की टेबल पर पड़ी थीं।

ठेकेदार ने 11 जून को ACB में शिकायत दी। उसी दिन ब्यूरो ने शिकायत की तस्दीक की, और अफसरों के मुताबिक उन्हें इस बात के सबूत मिले कि ओंबासे ने 19,000 रुपये मांगे थे। यह रकम उन तीन टेंडर की 38 लाख रुपये की कीमत का 0.5 प्रतिशत है। ACB के दस्तावेज में यह भी दर्ज है कि ओंबासे ने इससे पहले ठेकेदार से रिश्वत लेने की बात कबूल की थी।

इसके बाद 29 अक्टूबर को पिंपरी-चिंचवड़ के संत तुकाराम नगर पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण कानून की धारा 7 के तहत केस दर्ज हुआ। कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक नीता मिसाळ की अगुवाई में हुई। पुलिस उपाधीक्षक सतीश वाळके ने इसकी निगरानी की, और पुणे परिक्षेत्र के अधीक्षक शिरीष सरदेशपांडे ने मार्गदर्शन किया। पुणे ACB की टीम ने इन वरिष्ठ अफसरों की देखरेख में पूरी जाँच और आगे की कार्रवाई की। ये सारी बातें अभी आरोप हैं और मामला जाँच के दायरे में है।

ACB ने आम लोगों से अपील की है कि भ्रष्टाचार की कोई भी जानकारी हो, या कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगे, तो ब्यूरो को बताएं। इसके लिए 020-26132802, 020-25122134 और 9403781064 पर फोन किया जा सकता है। टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 भी चालू है।

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