केंदूर गांव के स्कूल के टॉयलेट नए बने, रोटरी क्लब और UCC की पहल से 55 बच्चों को राहत
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रोटरी क्लब ऑफ पुणे अमनोरा ने CSR पार्टनर UCC के साथ मिलकर केंदूर के पवारवाडी स्कूल में टॉयलेट की मरम्मत और नया इंतजाम किया है।
पुणे, 2 नवंबर 2026: केंदूर गांव के पवारवाडी में जिला परिषद प्राथमिक स्कूल के टॉयलेट अब नए सिरे से बन गए हैं। यह काम रोटरी क्लब ऑफ पुणे अमनोरा (RCPA) ने अपने CSR पार्टनर UCC के साथ मिलकर किया है। क्लब की WINS (Water, Sanitation and Hygiene in Schools) पहल के तहत यह प्रोजेक्ट हाथ में लिया गया था।
प्रोजेक्ट का मकसद था कि स्कूल के बच्चों को साफ, सुरक्षित और सेहत के लिहाज से ठीक टॉयलेट मिलें। रोटरी क्लब ऑफ पुणे अमनोरा की सर्विस डायरेक्टर डिंपल सेठ के मुताबिक इस मरम्मत से 55 बच्चों को सीधा फायदा हुआ है। अब उन्हें ऐसे टॉयलेट मिले हैं जिनमें पहले से बेहतर प्राइवेसी है और बहता पानी भी मिलता है।
सेठ ने बताया कि स्कूल में पहले से जो सैनिटेशन का ढांचा था, उसमें बुनियादी सफाई और सेहत के मानकों पर खरा उतरने के लिए काफी सुधार की जरूरत थी। क्लब का मानना है कि बच्चों की सेहत, सुरक्षा, सहूलियत और स्कूल में रोज आने के लिए ठीक-ठाक टॉयलेट बहुत जरूरी हैं। इसी वजह से उसने UCC की मदद से यह काम उठाया।
सेठ ने कहा, "मकसद ऐसा साफ, हाइजीनिक और आरामदेह माहौल बनाना था, जहां बच्चे इज्जत के साथ टॉयलेट इस्तेमाल कर सकें। बच्चों और स्कूल के अधिकारियों का रिस्पॉन्स बहुत उत्साह बढ़ाने वाला रहा है। बच्चे अपने नए बने बाथरूम से बेहद खुश हैं, जिससे स्कूल में आराम और गर्व का नया एहसास आया है।"
प्रोजेक्ट पूरा होने पर स्कूल में बाकायदा उद्घाटन समारोह भी रखा गया। इसमें रोटरी क्लब ऑफ पुणे अमनोरा और UCC के प्रतिनिधि मौजूद थे। केंदूर गांव के प्रशासन के सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
केंदूर को क्लब ने लंबे समय के ग्रामीण विकास की पहल के तहत गोद लिया है। सेठ के मुताबिक केंदूर 13 गांवों का एक समूह है, और इसे गोद लेना गांवों के विकास और समाज की भलाई के लिए क्लब की लंबी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
स्कूल का यह टॉयलेट प्रोजेक्ट इलाके में क्लब के कई कामों में से एक है। इससे पहले क्लब स्थानीय स्कूलों की मरम्मत करवा चुका है और साफ पीने के पानी की टिकाऊ व्यवस्था के लिए भी काम कर चुका है। इसके अलावा आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता में मदद के लिए स्थानीय महिलाओं को सिलाई मशीनें भी बांटी गई हैं।
सेठ ने कहा कि क्लब का तरीका सिर्फ अलग-अलग इमारती या ढांचे वाले प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं है। उसका ध्यान जरूरी सेवाओं को बेहतर बनाने और ऐसे मौके तैयार करने पर है जिनसे समाज का विकास टिकाऊ ढंग से हो सके।
UCC के साथ अपनी लगातार साझेदारी के जरिए रोटरी क्लब ऑफ पुणे अमनोरा केंदूर इलाके में शिक्षा के ढांचे, सैनिटेशन, बुनियादी सुविधाओं और रोजगार के मौकों को मजबूत करना चाहता है। सेठ के अनुसार यह साझेदारी ग्रामीण समाज के हर पहलू के विकास की साझा प्रतिबद्धता दिखाती है, जिसमें बच्चों और परिवारों के लिए ज्यादा सेहतमंद और मददगार माहौल बनाने पर खास जोर है।
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