सोम‌वार, 2 नवंबर 2026

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सरकारी अस्पतालों में PET-CT, MRI और CT के रेट तय, कम आय वाले मरीजों को मुफ्त जांच

सरकारी अस्पतालों में PET-CT, MRI और CT के रेट तय, कम आय वाले मरीजों को मुफ्त जांच तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पढ़ाई PT24 टीम

महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में PET-CT स्कैन के लिए 10,250 रुपये की सीमा तय की है। MRI और CT के कंट्रास्ट का चार्ज 950 रुपये रहेगा।

पुणे: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के हजारों मरीजों को राहत देते हुए महंगी इमेजिंग जांचों के रेट एक जैसे कर दिए हैं। इसके लिए विस्तृत आदेश जारी हुआ है। यह आदेश PET-CT (Positron Emission Tomography-Computed Tomography) स्कैन और कंट्रास्ट वाली MRI व CT जांच पर लागू होगा। सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों में यह नियम चलेगा, खासकर उन अस्पतालों में जहां डायग्नोस्टिक सेंटर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चल रहे हैं।

मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने जो नया रेट ढांचा बनाया है, उसमें पूरे शरीर के PET-CT स्कैन का कुल खर्च 10,250 रुपये पर सीमित कर दिया गया है। यह रकम उन मरीजों के लिए है जो खुद पैसे देते हैं। इसमें जरूरी कंट्रास्ट और फ्लूओरोडीऑक्सीग्लूकोज (FDG) रेडियोफार्मास्युटिकल ट्रेसर का खर्च भी शामिल है। यह रेट आम हेल्थ पैकेज के पैमानों से 50 प्रतिशत कम बैठता है।

प्राइवेट जांच केंद्रों में ऐसी ही एडवांस कैंसर जांच के लिए अक्सर 25,000 से 35,000 रुपये तक वसूले जाते हैं। इस हिसाब से सरकारी अस्पतालों का नया रेट उसका एक छोटा हिस्सा है।

PET-CT के अलावा राज्य सरकार ने सरकारी टर्शियरी केयर सेंटरों में MRI और CT जांच के कंट्रास्ट एजेंट का चार्ज भी 950 रुपये पर सीमित कर दिया है। ये एक जैसे रेट कई राज्यों की कीमतों की बारीकी से तुलना करने के बाद तय किए गए हैं, ताकि कामकाज में कोई उलझन न रहे और लैब के छिपे सरचार्ज खत्म हों।

नीति में मरीजों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है, ताकि सबको बराबरी से इलाज मिल सके।

पहली श्रेणी मुफ्त वाले मरीजों की है। महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना (MJPJAY) और आयुष्मान भारत PM-JAY जैसी सरकारी योजनाओं में दर्ज कम आय वाले मरीजों को, या जिन्हें सरकारी मेडिकल अफसरों ने रेफर किया है, उन्हें सारी एडवांस जांचें बिल्कुल मुफ्त मिलेंगी।

दूसरी श्रेणी रियायती दर पर पैसे देने वाले मरीजों की है। जो मरीज किसी योजना में नहीं हैं, लेकिन जिन्हें सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने सीधे रेफर किया है, वे PET-CT के लिए 10,250 रुपये की तय रियायती दर देंगे।

तीसरी श्रेणी थर्ड-पार्टी रेफरल की है। बाहर से आए या प्रायोजित मरीजों से वेंडर और संस्था के बीच हुए करार के हिसाब से सामान्य फीस ली जाएगी।

पारदर्शिता बनाए रखने और भ्रष्टाचार रोकने के लिए आदेश में साफ मनाही है कि PPP चलाने वाले प्राइवेट ऑपरेटर मरीजों या उनके परिवार से सीधे नकद या डिजिटल पेमेंट नहीं ले सकेंगे। सारा लेन-देन सिर्फ सरकारी अस्पताल के बिलिंग काउंटर से होगा। राज्य के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जो भी प्राइवेट ऑपरेटर सीधे पैसे लेते पकड़ा गया, उस पर करार की सख्त शर्तों के तहत जुर्माना लगेगा और करार तोड़ने पर तुरंत कार्रवाई होगी।

महाराष्ट्र के सभी अस्पतालों के डीन और सुपरिंटेंडेंट को कहा गया है कि नए रेट कार्ड अंग्रेजी और मराठी दोनों भाषाओं में ऐसी जगह लगाएं जहां सबको साफ दिखें। आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है, ताकि पूरे राज्य में जांच की सुविधा आसानी से मिल सके।

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