बुधवार, 4 नवंबर 2026

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दिवाली से पहले पुणे में बिना मंज़ूरी वाले पटाखा स्टॉल की जांच शुरू

दिवाली से पहले पुणे में बिना मंज़ूरी वाले पटाखा स्टॉल की जांच शुरू तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कल्चर PT24 टीम

पुणे महानगरपालिका के आपदा प्रबंधन विभाग ने अतिक्रमण विभाग से बिना इजाज़त चल रहे स्टॉल पर कार्रवाई को कहा है।

दिवाली करीब आते ही पुणे में भीड़ वाले मोहल्लों और व्यस्त सड़कों के किनारे पटाखों के स्टॉल दिखने लगे हैं। इसे देखते हुए पुणे महानगरपालिका (PMC) ने दिवाली के अस्थायी स्टॉल पर नज़र और कड़ी कर दी है।

PMC के आपदा प्रबंधन विभाग ने अतिक्रमण विभाग को चिट्ठी भेजकर कहा है कि जो स्टॉल सही इजाज़त के बिना चल रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जाए। विभाग की चेतावनी है कि असुरक्षित तरीके से लगे स्टॉल से जान और माल दोनों को खतरा हो सकता है।

चिट्ठी के बाद अतिक्रमण विभाग की टीम ने शहर भर में जगह-जगह जाकर जांच शुरू कर दी है। विभाग ने जिन जगहों पर स्टॉल लगे पाए हैं, उनमें घनी रिहायशी बस्तियां, व्यावसायिक इलाके, इमारतों के पास की जगहें, फुटपाथ और सड़कें शामिल हैं। अगर दुकानदार आग से बचाव के नियम नहीं मानते या ज़रूरी मंज़ूरी नहीं लेते, तो ऐसी जगहें खतरनाक बन सकती हैं।

महानगरपालिका ने मौसमी पटाखा बिक्री के लिए पहले ही जगहें तय कर रखी हैं और नीलामी के ज़रिए स्टॉल बांटे हैं। इस साल की दिवाली के लिए PMC ने 11 जगहें चुनी हैं, जहां कुल 184 पटाखा स्टॉल लग सकते हैं। ये आम तौर पर खुले मैदान, खाली जगहें और नदी के पाट के तय हिस्से हैं। PMC की नीति में घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में पटाखों के स्टॉल की इजाज़त नहीं है।

जिन दुकानदारों को जगह मिली है, उन्हें स्टॉल लगाने से पहले 40 शर्तें माननी होंगी। इनमें दो बिक्री यूनिट के बीच करीब तीन मीटर का फासला रखना और स्टॉल को मुख्य सड़कों और दूसरे प्रतिष्ठानों से कम से कम 10 मीटर दूर लगाना शामिल है। इन शर्तों का मकसद आग फैलने की आशंका घटाना और स्टॉल के आसपास काफी खुली जगह रखना है।

इसके बावजूद बताया गया है कि कई दुकानदार मंज़ूर जगहों से बाहर स्टॉल लगाए बैठे हैं। मध्य पुणे के पेठ इलाकों और उपनगरों में भी ऐसे स्टॉल दिखे हैं। सदाशिव पेठ, नारायण पेठ और शनिवार पेठ जैसे इलाकों में गलियों, पटरियों और तंग लेन में स्टॉल आ गए हैं। इससे सवाल उठा है कि महानगरपालिका अपने ही दिशानिर्देश कितनी सख्ती से लागू करवा रही है।

आपदा प्रबंधन विभाग ने आगाह किया है कि बिना इजाज़त वाली जगह पर आग या कोई और आपात स्थिति हुई, तो भारी जानी नुकसान और माली नुकसान हो सकता है। खासकर वहां, जहां इमारतें और दुकानें एक-दूसरे से सटी हैं। चल रही जांच से नियम तोड़ने वाले स्टॉल पकड़ में आ सकते हैं, और फिर अतिक्रमण विभाग तय दायरे से बाहर चल रहे स्टॉल पर कार्रवाई कर सकेगा।

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