देऊळगाव राजा में मुफ्त महाआरोग्य शिविर: 8,773 मरीजों की जांच, 173 लोगों ने किया रक्तदान
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शिक्षणमहर्षी स्वर्गीय देवानंदभाऊ कायंदे की जयंती पर समर्थ शैक्षणिक संकुल में लगे शिविर में 21 विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों को देखा।
देऊळगाव राजा के समर्थ शैक्षणिक संकुल में रविवार, 1 नवंबर 2026 को भव्य मुफ्त महाआरोग्य शिविर लगा। शिक्षामहर्षि स्वर्गीय देवानंदभाऊ कायंदे की जयंती के मौके पर यह शिविर विधायक मनोजभाऊ कायंदे मित्र मंडल की तरफ से आयोजित किया गया था। गांव और शहर, दोनों इलाकों से आए लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
आयोजकों की जानकारी के मुताबिक शिविर में करीब 8 हजार 773 मरीजों की जांच की गई। वहीं 173 रक्तदाताओं ने अपनी मर्जी से रक्तदान किया।
आयोजन का मकसद स्वर्गीय देवानंदभाऊ कायंदे के सामाजिक, शैक्षणिक और सेवा के काम की विरासत को आगे बढ़ाना बताया गया। विधायक मनोजभाऊ कायंदे ने सिर्फ जयंती पर श्रद्धांजलि देने के बजाय उनके समाजसेवा के विचारों को असल काम के जरिए याद करने का संकल्प इस पहल से सामने रखा। शिविर की सबसे बड़ी वजह यह थी कि गांव के आम और जरूरतमंद मरीजों को अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवा अपने इलाके में ही मिल सके।
शिविर का उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्षा और संत गजानन महाराज कृषि और शैक्षणिक संस्था की अध्यक्षा नंदाताई देवानंद कायंदे ने किया। इस मौके पर सिंदखेड राजा विधानसभा क्षेत्र के विधायक मनोजभाऊ कायंदे, विधायक सिद्धार्थ खरात, पूर्व विधायक तोताराम कायंदे, संस्था के सचिव सतीशभाऊ कायंदे, राष्ट्रवादी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष एडवोकेट नाझेर काझी, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष गणेशदादा मान्टे, पूर्व नगराध्यक्ष देविदास ठाकरे और संतोष खांडेभराड, नगराध्यक्षा माधुरी तुषार शिंपणे समेत अलग-अलग क्षेत्रों के कई मान्यवर मौजूद रहे।
शिविर में 21 चिकित्सा विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों की जांच की। इनमें मेडिसिन, अस्थिरोग, नेत्ररोग, कान-नाक-गला, हृदयरोग, बालरोग, त्वचारोग, मूत्ररोग, किडनी विकार, दिमाग के विकार, दंतरोग, मुंह का कैंसर, स्त्रीरोग, सीने के विकार, यकृत और पेट विकार, शल्य चिकित्सा, बाल रक्त विकार, फिजियोथेरेपी तथा बवासीर और भगंदर के डॉक्टर शामिल थे। जालना, छत्रपति संभाजीनगर, देऊळगाव राजा और सिंदखेड राजा इलाके के डॉक्टरों ने यहां सेवा दी। मरीजों को चिकित्सकीय सलाह, जरूरी जांचें और मुफ्त दवा-इलाज मुहैया कराया गया।
शिविर में दिव्यांगों के लिए किया गया काम खास रहा। पुणे के श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति ट्रस्ट के सौजन्य से दिव्यांगों को मुफ्त कृत्रिम अंग बांटे गए, जबकि कान से कम सुनने वाले मरीजों को श्रवणयंत्र दिए गए। रोजमर्रा की जिंदगी में दिव्यांग ज्यादा आसानी से चल-फिर सकें, इसी मकसद से यह पहल हुई और कई जरूरतमंदों को इससे सहारा मिला। शिविर स्थल पर दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था भी थी।
बुलढाणा जिला सामान्य अस्पताल की ओर से शिविर स्थल पर अलग रक्तदान मंडप लगाया गया था। यहां नौजवानों ने खुलकर हिस्सा लिया और कुल 173 लोगों ने रक्तदान किया। जरूरतमंद मरीजों को वक्त पर खून मिल सके, इस लिहाज से जयंती पर हुई यह पहल सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाली रही।
गांव से आने वाले मरीजों और उनके रिश्तेदारों को दिक्कत न हो, इसके लिए आयोजकों ने खास इंतजाम किए थे। बस स्टेशन से शिविर स्थल तक आने-जाने के लिए गाड़ियां लगाई गई थीं। शिविर में आए मरीजों और देखने पहुंचे लोगों के लिए मुफ्त भोजन की व्यवस्था थी। रजिस्ट्रेशन, दवा बांटने और अलग-अलग चिकित्सा सेवाओं के लिए अलग स्टॉल बनाए गए थे। देऊळगाव राजा, सिंदखेड राजा और जालना के डॉक्टर और केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने भी सुविधाएं जुटाने में मदद की।
शिविर को कामयाब बनाने में गजानन काकड, डॉ. राजीव डोईफोडे, डॉ. उमेश मुंडे, डॉ. उमेश डोईफोडे, डॉ. प्रफुल्ल ताठे, डॉ. विलास दराडे, डॉ. अनिरुद्ध मांटे, डॉ. अतुल गीते, डॉ. प्रवीण तिडके और डॉ. सांगळे ने खास मेहनत की। इनके साथ तालुका स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारी, जिला अस्पताल बुलढाणा का स्टाफ, देऊळगाव राजा, सिंदखेड राजा और जालना के डॉक्टर एसोसिएशन के सदस्य और विधायक मनोजभाऊ कायंदे मित्र मंडल के कार्यकर्ताओं ने योजना बनाकर अपनी जिम्मेदारी निभाई।
इस तरह स्वर्गीय देवानंदभाऊ कायंदे की जयंती पर लगे इस शिविर से स्वास्थ्य सेवा, दिव्यांगों की मदद और रक्तदान का संदेश एक साथ दिया गया। हजारों मरीजों ने शिविर का फायदा उठाया और रक्तदाताओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
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