पुणे महापालिका फिनलैंड के साथ पानी, स्किल और शहरी विकास पर साझेदारी की तलाश में
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पुणे महानगरपालिका फिनलैंड के साथ जल प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट और युवाओं के हुनर के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं टटोल रही है।
पुणे महानगरपालिका (PMC) जल प्रबंधन, गंदे पानी के ट्रीटमेंट और दोबारा इस्तेमाल, टिकाऊ शहरी विकास और युवाओं के स्किल डेवलपमेंट में फिनलैंड के साथ मिलकर काम करने की संभावनाएं तलाश रही है।
इसी सिलसिले में फिनलैंड की कौंसल जनरल पेट्रा थेमन (Petra Theman) और PMC के वरिष्ठ अफसरों के बीच बैठक हुई। बैठक में इस पर बात हुई कि फिनलैंड की तकनीक और तौर-तरीके शहर के विकास में कैसे काम आ सकते हैं।
बैठक में महापौर मंजूषा नागपुरे, महानगरपालिका आयुक्त नवल किशोर राम, अतिरिक्त आयुक्त पवनीत कौर और ओमप्रकाश दिवटे मौजूद थे। अलग-अलग विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
महापौर ने कहा कि PMC के इंजीनियरों के लिए स्टडी विजिट करवाई जाएं, ताकि वे फिनलैंड में जल प्रबंधन की कामयाब पहलों को खुद देख सकें। प्रशासन का कहना है कि यह कोशिश उन अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को खंगालने का हिस्सा है, जो पुणे के विकास में मदद कर सकती हैं।
आयुक्त नवल किशोर राम ने पुणे की सांस्कृतिक विरासत, शिक्षा में योगदान, औद्योगिक ताकत और तेजी से फैलते शहर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन और सीवेज ट्रीटमेंट में फिनलैंड के अनुभव से सीखना जरूरी है।
राम ने पुणे में 'ड्रिंक फ्रॉम टैप' पहल को कारगर तरीके से लागू करने के लिए आधुनिक अंतरराष्ट्रीय तकनीक और बेहतरीन तौर-तरीकों को समझने में भी दिलचस्पी दिखाई। इस पहल के लिए ऐसे ट्रीटमेंट और मॉनिटरिंग सिस्टम चाहिए होंगे, जिनसे शहर के नेटवर्क से सप्लाई होने वाला पानी पीने के पानी के जरूरी मानकों पर खरा उतरे।
अतिरिक्त आयुक्त ओमप्रकाश दिवटे ने जमीन के इस्तेमाल की योजना और शहरी विकास में पुणे के सामने आ रही चुनौतियां गिनाईं। उन्होंने यह भी बताया कि शहर में इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ने के साथ पेड़ लगाने के लिए जगह कम पड़ रही है।
चर्चा में यह भी देखा गया कि फिनलैंड की कंपनियों को PMC की स्किल डेवलपमेंट पहल से कैसे जोड़ा जाए, ताकि उद्योग की जरूरत के हिसाब से कामगार तैयार हों। मकसद यह पहचानना था कि किन क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता शहरी विकास और रोजगार, दोनों में मदद कर सकती है।
अतिरिक्त आयुक्त पवनीत कौर ने फिनलैंड की कौंसल को पुणे में निवेश के मौकों, कारोबार के लिए सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम और शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर की जानकारी दी।
कौर ने PMC के लाइटहाउस स्किल डेवलपमेंट सेंटरों के बारे में भी बताया, जहां युवाओं को उद्योग की जरूरत के मुताबिक ट्रेनिंग मिलती है। फिनलैंड के उद्योगों और पुणे के प्रशिक्षित युवाओं के बीच मजबूत रिश्ता बनाने की संभावना पर भी बात हुई। थेमन ने आगे किसी समय लाइटहाउस स्किल डेवलपमेंट सेंटर देखने की इच्छा जताई।
थेमन ने पुणे की हरियाली, औद्योगिक क्षमता और शहरी विकास के मौकों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी और औद्योगिक समाधानों में फिनलैंड की महारत शहर की तरक्की में काम आ सकती है।
उन्होंने उद्योग की जरूरतों के हिसाब से स्किल प्रोग्राम बनाने, प्रशिक्षित कामगारों को रोके रखने और भारत व फिनलैंड के आर्थिक रिश्ते गहरे करने के लिए बातचीत मजबूत करने पर भी जोर दिया।
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