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बारामती के कारोबारी राणा सूर्यवंशी पर हमला: पांच गिरफ्तार, फिर भी पिस्तौल का सुराग नहीं

राणा सूर्यवंशी पर जानलेवा हमले को आठ दिन हो गए, पांच गिरफ्तार हैं, लेकिन पिस्तौल कहां से आई, इसका जवाब पुलिस के पास नहीं है।

बारामती के कारोबारी राणा सूर्यवंशी पर हमला: पांच गिरफ्तार, फिर भी पिस्तौल का सुराग नहीं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

बारामती के कारोबारी राणा सूर्यवंशी पर हुए जानलेवा हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामला और उलझता जा रहा है। हमले को आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुणे ग्रामीण पुलिस अब तक इसके पीछे की असली कहानी नहीं खोल पाई है। इसी वजह से पुलिस की जांच पर भी सवाल उठने लगे हैं।

पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि पकड़े गए आरोपियों के पास पिस्तौल थी ही नहीं, तो फिर पिस्तौल आई कहां से।

पुलिस के दावों के मुताबिक हमला करने वाले असली हमलावर और सुपारी देने वाले, दोनों गिरफ्तार हो चुके हैं। यह भी सामने आया है कि हमलावरों को सत्तूर और पैसे मुहैया कराए गए थे। मगर अगर यह गोलीबारी का हमला था, तो घटनास्थल से गोली का खोखा कैसे गायब हो गया? पुलिस ने कांबले नाम के जिस शख्स से पूछताछ की, उसने पिस्तौल देने से साफ इनकार कर दिया है। अगर पिस्तौल का इस्तेमाल हुआ था, तो उसे इन हमलावरों तक पहुंचाया किसने? इस बेहद अहम और बुनियादी सवाल का जवाब पुलिस के पास अभी तक नहीं है। और अगर हमलावरों की बात मान ली जाए कि पिस्तौल इस्तेमाल ही नहीं हुई, तब भी सवाल वही रहता है कि घटनास्थल पर पिस्तौल आई कहां से।

हमले के पीछे की पूरी कड़ी, सुपारी देने वाले और आरोपी, सब पुलिस के हाथ लग गए हैं। फिर भी मुख्य हथियार ही पुलिस नहीं ढूंढ पाई है। जांच में इसे बड़ी गड़बड़ माना जा रहा है। सत्तूर और पैसे देने वाले ने पिस्तौल देने से इनकार कर दिया है। इसके बाद अब चर्चा चल रही है कि क्या पुलिस इस मामले में सही जानकारी छिपा रही है, या फिर अपराधियों की कड़ियां जोड़ने में पूरा सिस्टम बेबस साबित हो रहा है।

पुलिस अब भी कुछ संदिग्धों के पीछे लगी हुई है और नए नाम भी सामने आ रहे हैं। लेकिन जब तक हमले में इस्तेमाल हुई पिस्तौल का असली स्रोत सामने नहीं आता, तब तक आम लोगों में यह शक बना रहेगा कि पुलिस की यह कार्रवाई कहीं ऊपरी और भटकाने वाली तो नहीं है। कुल मिलाकर, आरोपी भले ही पकड़ में आ गए हों, लेकिन हमले में इस्तेमाल हथियार का राज खोलना पुलिस के सामने अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

#पुणे#PT24#Pune

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