बारामती में उद्योगपति राणा सूर्यवंशी पर हमला उन्हीं का रचा खेल, वीवीआईपी सुरक्षा के लिए साजिश
पुणे ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक हमला पहले से तय था और खुद राणा सूर्यवंशी ने करवाया। दो गिरफ्तार, एक नाबालिग हिरासत में।
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बारामती में उद्योगपति राणा सूर्यवंशी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है। पता चला है कि यह हमला उन्होंने खुद ही रचवाया था, ताकि उन्हें वीवीआईपी जैसी पुलिस सुरक्षा मिल सके।
इस मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस ने पार्थ अवथडे और स्वप्नील कांबळे को गिरफ्तार किया है। एक नाबालिग लड़के को भी हिरासत में लिया गया है। फिलहाल इन तीनों से पूछताछ चल रही है। बारामती पुलिस थाने में इस मामले की शिकायत लक्ष्मीकांत महादेव सूर्यवंशी ने दी है। उनकी उम्र 42 साल है और वे इंदापुर तालुका के सणसर के रहने वाले हैं।
राणा सूर्यवंशी उद्योगपति हैं और लक्ष्मीकांत सूर्यवंशी उनके यहां ड्राइवर का काम करता था। रविवार, 18 तारीख की शाम राणा किसी निजी काम से बारामती तालुका के गोजुबावी इलाके में आए थे। तभी स्कूटी पर आए अनजान लोगों ने हथियार से उनके दाएं हाथ पर वार कर दिया। इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया था और हमले को लेकर अलग-अलग अंदाजे लगाए जा रहे थे।
बाद में राणा के ड्राइवर ने अपनी शिकायत में शक जताया कि इसके पीछे वह संस्था चलाने वाले लोग हो सकते हैं, जहां राणा पहले काम करते थे। लेकिन पुलिस ने हमला करने वालों में से एक नाबालिग समेत दो लोगों को पकड़ा। तब शुरुआती जांच में ही हमले का यह मामला शक के घेरे में आ गया। आगे चलकर यह भी सामने आया कि इन दोनों को चलाने वाला कोई तीसरा ही शख्स है।
शुक्रवार को पुलिस ने उस तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद एक अधिकारी ने बताया कि यह हमला पहले से सोच-समझकर तय किया गया था और खुद राणा ने ही इसे करवाया।
अब सवाल यह था कि राणा को ऐसा करने की क्या जरूरत थी। जानकारी के मुताबिक राणा सूर्यवंशी जाने-माने उद्योगपति हैं और उन्होंने पुलिस की पेड सिक्योरिटी ले रखी है, जिसके लिए उन्हें पैसे भरने पड़ते हैं। मगर उनकी तीव्र इच्छा थी कि उन्हें किसी मंत्री या वीवीआईपी की तरह कैन्वॉय या एस्कॉर्ट वाली सुरक्षा मिले।
ऐसी सुरक्षा अतिसंवेदनशील लोगों और मंत्रियों को दी जाती है और इसके लिए बाकायदा नियमावली है। जिस व्यक्ति पर जान से मारने के हमले की आशंका हो, या हमला हो चुका हो, उसकी जानकारी भरकर यह सुरक्षा हासिल की जा सकती है। इसी वजह से हमला करवाए जाने की बात सामने आई है।
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