बारामती में स्विफ्ट कार से देसी पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद, एक युवक गिरफ्तार
बारामती शहर पुलिस ने मतदान की पूर्व संध्या पर आमराई के आदित्य शेलार को पिस्तौल और जिंदा कारतूसों के साथ पकड़ा।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
बारामती शहर पुलिस ने पुणे विभाग स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदान की पूर्व संध्या पर एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक युवक के पास से देसी पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस और मारुति स्विफ्ट कार जब्त की। जब्त किए गए माल की कुल कीमत 2 लाख 26 हजार 200 रुपये बताई गई है।
इस मामले में आमराई (बारामती) के रहने वाले आदित्य शेलार को गिरफ्तार किया गया है। चुनाव के संवेदनशील दिनों में हुई इस कार्रवाई से शहर में हड़कंप मच गया है।
पुलिस के मुताबिक 22 अक्टूबर को रात करीब 8 बजे जांच दल के पुलिस सिपाही अक्षय सिताफ को एक गोपनीय मुखबिर से खबर मिली। खबर यह थी कि आदित्य शेलार लाल रंग की स्विफ्ट कार में टी. सी. कॉलेज इलाके में गैरकानूनी हथियार लेकर घूम रहा है।
इस जानकारी के बाद प्रभारी परिविक्षाधीन पुलिस उपअधीक्षक मनीषा ओमासे की अगुवाई में पुलिस की टीम ने फौरन जाल बिछाया। रात साढ़े आठ बजे के आसपास 8 नंबर ग्राउंड के पास मोरया पैलेस इमारत के सामने की सड़क पर शक वाली कार को रोका गया। पंचों के सामने कार की तलाशी ली गई।
तलाशी में ड्राइवर की सीट के पास एक देसी पिस्तौल मिली, जिसकी मैगज़ीन में 1 जिंदा कारतूस था। शेलार की जामातलाशी ली गई तो उसकी जैकेट की जेब से 2 और जिंदा कारतूस निकले।
जब साफ हो गया कि उसके पास हथियार रखने का कोई वैध लाइसेंस नहीं है, तो पुलिस ने माल जब्त कर लिया। इसमें 25 हजार रुपये की पिस्तौल, 1 हजार 200 रुपये के तीन कारतूस और 2 लाख रुपये की कार शामिल है। बारामती शहर पुलिस स्टेशन में भारतीय हथियार कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि यह पिस्तौल उसने मयूर मोरे (निवासी मेडद, तहसील बारामती) से ली थी। पुलिस अब गहराई से जांच कर रही है कि हथियार किस मकसद से लाया गया था और इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है या नहीं।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल, अपर पुलिस अधीक्षक गणेश बिरादार और उपविभागीय पुलिस अधिकारी चैतन्य कदम के मार्गदर्शन में हुई। पुलिस निरीक्षक श्रीशैल चिवडशेट्टी ने इसका तालमेल संभाला।
टीम में पुलिस हवालदार क्षीरसागर, अभिजीत कांबळे, पुलिस सिपाही कवितके और अक्षय सिताफ शामिल थे। आगे की जांच पुलिस हवालदार ज्ञानदेव क्षीरसागर कर रहे हैं।
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