बालेवाड़ी में म्हाडा के चार फ्लैट का रास्ता बंद, लाभार्थी एक साल से घर में नहीं जा पाए
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
'43 Private Drive' प्रोजेक्ट के पास म्हाडा लॉटरी में फ्लैट जीतने वाले लोग रास्ता न होने से गृहप्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। AAP युवा शाखा ने बिल्डर और आर्किटेक्ट पर आपराधिक मामले दर्ज करने की मांग की है।
पुणे के बालेवाड़ी में '43 Private Drive' मल्टी-स्टोरी प्रोजेक्ट के बगल की एक इमारत में चार फ्लैट म्हाडा के हैं। सितंबर 2025 की पुणे म्हाडा लॉटरी में ये फ्लैट जीतने वालों की खुशी ज्यादा दिन नहीं टिकी, क्योंकि इन घरों तक जाने वाला साझा रास्ता बंद कर दिया गया। नतीजा यह कि एक साल से ज्यादा हो गया और उनका गृहप्रवेश अब तक नहीं हो सका।
'43 Private Drive' को S.S. Properties ने बनाया है। इसमें चार से पांच विंग हैं। पिछले एक साल में प्रोजेक्ट के बगल में एक कमर्शियल इमारत भी खड़ी हुई है। म्हाडा के चारों फ्लैट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए हैं और वे अलग इमारत में, कमर्शियल (IT) इमारत के पीछे बने हैं। उन तक पहुंचने का रास्ता सोसायटी ने बंद कर रखा है।
आम आदमी पार्टी (AAP) की युवा शाखा के प्रदेश अध्यक्ष रवीराज काले के मुताबिक प्रोजेक्ट की मंजूरी के वक्त डेवलपर ने डेवलपमेंट प्लान का हवाला दिया था। उसने कहा था कि पीएमसी मौजूदा रिहायशी इमारत के साथ एक रोड बनाएगी, जो आगे चलकर म्हाडा इमारत का रास्ता बनेगी। काले का कहना है कि मंजूरी को तीन-चार साल हो चुके हैं और कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी हुए एक साल बीत गया, फिर भी मौके पर कोई रोड नहीं बनी। उनके मुताबिक रास्ता है या नहीं, यह देखना म्हाडा की जिम्मेदारी है, लेकिन बिना जांचे डेवलपर ने फ्लैट सौंप दिए और म्हाडा ने ले लिए।
उसी परिसर की एक दूसरी रिहायशी इमारत की हाउसिंग सोसायटी बन चुकी है। सोसायटी का कहना है कि यह उसकी अंदरूनी सड़क है और म्हाडा इमारत में रहने वालों का इस पर कोई हक नहीं। इसलिए उसने दीवार खड़ी कर दी। अभी रास्ते पर ताले लगे हैं और सड़क पर बड़े गड्ढे और झाड़ियां हैं। पिछले छह महीने से लाभार्थी बार-बार डेवलपर भंडारी, पीएमसी के बिल्डिंग डिपार्टमेंट और म्हाडा दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं, पर आरोप है कि सब एक-दूसरे पर टाल रहे हैं। काले ने यह भी आरोप लगाया कि दूसरी एजेंसियां खुलकर कह रही हैं, "हमने आपको फ्लैट दे दिए, अब आगे आप संभालिए।"
डेवलपर सचिन भंडारी ने बताया कि 7.5 एकड़ के प्लॉट पर चार फ्लैट वाली एक अलग इमारत है और लेआउट में आने-जाने के लिए एक ही साझा रास्ता रखा गया है। उनके अनुसार म्हाडा के ऑर्डर और डीम्ड कन्वेयन्स के ऑर्डर में भी A, B, C, D इमारतों और म्हाडा इमारत का जिक्र है, यानी सब एक ही लेआउट का हिस्सा हैं। भंडारी ने कहा, "हमने नियमों के मुताबिक ही निर्माण किया है, म्हाडा के रहने वालों के लिए अड़चन खड़ी करना सोसायटी के लिए ठीक नहीं है। इस बारे में सोसायटी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हमने पीएमसी में शिकायत भी दर्ज कराई है।"
'43 Private Drive' सोसायटी के चेयरमैन मोरेश्वर बालवडकर ने कहा कि म्हाडा इमारत बनते समय बिल्डर या किसी और ने प्रस्तावित रास्ते के बारे में उन्हें नहीं बताया। लाभार्थियों को जानबूझकर रोकने के आरोप को उन्होंने सच नहीं बताया। उनका कहना है कि दूसरी इमारत के साइड मार्जिन से रास्ता मांगना गलत है। बालवडकर ने कहा, "डेवलपमेंट प्लान में प्रस्तावित नौ मीटर चौड़ी सड़क पीएमसी को पूरी करनी चाहिए। सिर्फ करीब 50 फीट का काम बाकी है, पीएमसी इसे प्राथमिकता दे।"
काले ने पीएमसी के बिल्डिंग डिपार्टमेंट को अपनी मांगें सौंपी हैं। इनमें डेवलपर भंडारी पर धोखाधड़ी समेत लागू धाराओं में तुरंत आपराधिक मामले दर्ज करना, गलत दस्तावेज देने के आरोप में संबंधित आर्किटेक्ट का लाइसेंस रद्द करना, कंप्लीशन सर्टिफिकेट और म्हाडा के फ्लैट स्वीकारने की पूरी जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करना, और मंजूरी के वक्त दिखाया गया प्रस्तावित रास्ता तुरंत खोलना शामिल है। ऐसा न होने पर AAP ने तीव्र आंदोलन की चेतावनी दी है। साइट का मुआयना करने के बावजूद पीएमसी ने अब तक सिर्फ कागजी कार्रवाई की है।
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