ठाणे: प्रदीप पुर्णेकर की हत्या पर रास्ता रोको, घोड़बंदर रोड पर रातभर जाम में फंसे लोग
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शिवसेना (UBT) नेता प्रदीप पुर्णेकर की हत्या के विरोध में सैकड़ों समर्थकों ने घोड़बंदर रोड रोका और टायर जलाए, जिससे यात्री घंटों फंसे रहे।
ठाणे की व्यस्त घोड़बंदर रोड पर मंगलवार की रात सैकड़ों लोगों ने रास्ता रोक दिया। ये सभी शिवसेना (UBT) के मारे गए नेता प्रदीप पुर्णेकर के समर्थक थे। रातभर चले इस आंदोलन में कई जगह टायर जलाए गए, जिससे भारी जाम लग गया और यात्री घंटों फंसे रहे। बताया गया है कि गाड़ियां आगे बढ़ ही नहीं पा रही थीं, इसलिए कई लोगों को घर पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
आंदोलन और लंबी कतारों के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब घूमे। कुछ यूजर्स का दावा था कि रास्ता छह से सात घंटे तक बंद रहा। पुलिस के मुताबिक बुधवार सुबह तक ट्रैफिक सामान्य हो गया।
पुर्णेकर के बेटे राम पुर्णेकर ने 29 सितंबर को हुई अपने पिता की हत्या के मामले में ठाणे की पूर्व मेयर मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे की गिरफ्तारी की मांग की है। मंगलवार दोपहर राम पुर्णेकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे स्थित घर की तरफ मार्च निकालने की कोशिश कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद नौपाड़ा पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध शुरू हुआ, जहां विपक्षी दलों के नेता भी समर्थकों के साथ पहुंचे।
बाद में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने कापूरबावडी, चितलसर और कासारवडवली पुलिस स्टेशन के इलाकों में पड़ने वाले हिस्सों में घोड़बंदर रोड जाम कर दिया। कई जगह टायर भी जलाए गए।
इस जाम से ठाणे और मुंबई के बीच सफर करने वालों को बड़ी परेशानी हुई। बुधवार रात करीब 2.30 बजे जाम में फंसे एक यात्री ने इंस्टाग्राम पर पूछा कि यह "बंद" कब खत्म होगा। उसने लिखा, "2 घंटे से ज्यादा हो गए ट्रैफिक में फंसे हुए... मैं बस एक आम आदमी हूं जो सुबह 6 बजे उठकर काम के लिए मुंबई के गोरेगांव तक जाता है, और अब घर भी नहीं लौट पा रहा।"
मुंबई एयरपोर्ट से लौट रहे एक और यात्री ने मंगलवार देर रात फेसबुक पर वीडियो डाला, जिसमें दोनों तरफ गाड़ियां ठहरी हुई दिखती हैं। उसका दावा था कि कुछ लोगों को घर पहुंचने के लिए चार से पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। कुछ पोस्ट में मानपाड़ा ब्रिज के ऊपर और नीचे टायर जलते दिखे, जिससे गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। यूजर्स ने घोड़बंदर रोड की पुरानी दिक्कतों का भी जिक्र किया, जैसे भारी वाहनों की आवाजाही, तंग हिस्से और ट्रैफिक का कमजोर इंतजाम, और कहा कि इस नाकेबंदी से हालात और बिगड़ गए।
ठाणे पुलिस कंट्रोल रूम के एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार को करीब 4 बजे ट्रैफिक सामान्य हो गया। अधिकारी के मुताबिक आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही थी। घोड़बंदर रोड ठाणे के कई हिस्सों को मुंबई महानगर क्षेत्र से जोड़ने वाला अहम रास्ता है। इस बंदी का असर काम पर जाने वालों के साथ देर रात एयरपोर्ट से लौटने वालों पर भी पड़ा।
मानपाड़ा इलाके के शिवसेना (UBT) डिवीजन प्रमुख प्रदीप पुर्णेकर पर 29 सितंबर को उनके दफ्तर में अज्ञात हमलावरों ने हमला किया था, जिसमें उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और विशेष जांच दल (SIT) हत्या की जांच कर रहा है। पुलिस ने हमले की संभावित वजह के तौर पर पुरानी राजनीतिक रंजिश और ठाणे के आने वाले नगर निकाय चुनावों से जुड़ी होड़ का हवाला दिया है। मीनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे पर लगे आरोप अदालत में साबित नहीं हुए हैं।
मंगलवार को ही पुलिस ने राम पुर्णेकर को वागले एस्टेट इलाके में रोक लिया, जब वे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के घर की तरफ प्रदर्शन के लिए मार्च करने की कोशिश कर रहे थे। वीडियो में वे अफसरों से गुहार लगाते दिखे, फिर उन्हें नौपाड़ा पुलिस स्टेशन ले जाया गया। उन्होंने कहा, "मैंने अपने पिता को खोया है, सर।" उनकी हिरासत के बाद शिवसेना (UBT), महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस के नेता पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने ठाणे में अपराध बढ़ने का आरोप लगाते हुए उपमुख्यमंत्री शिंदे के इस्तीफे की मांग की।
पूर्व मेयर मीनाक्षी शिंदे मंगलवार को हत्या के मामले में पूछताछ के लिए एंटी-एक्सटॉर्शन सेल (AEC) के दफ्तर में पेश हुईं। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मैं पुलिस के साथ पूरा सहयोग कर रही हूं।" पुर्णेकर परिवार का आरोप है कि जांच करने वालों पर राजनीतिक दबाव है। परिवार ने उन लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है जिन पर वह हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाता है। जांच अभी जारी है।
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